मुंबई - भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज के बीच टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। अनुभवी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण सीरीज के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। पहले टी20 के बाद उन्हें परेशानी हुई, जिसके चलते टीम मैनेजमेंट ने उन्हें आगे के मैचों से आराम देने का फैसला किया है।हालांकि, उनकी चोट को गंभीर नहीं बताया जा रहा है और वह आगामी एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का हिस्सा बने रह सकते हैं।
पहले टी20 में किया था शानदार प्रदर्शन
वरुण चक्रवर्ती ने रविवार को खेले गए पहले टी20 मुकाबले में अपने चार ओवर का पूरा कोटा पूरा किया। उन्होंने 16 रन देकर एक विकेट हासिल किया। मुकाबले के बाद उन्हें परेशानी महसूस हुई और इसके बाद वह पूरी सीरीज से बाहर हो गए। बीसीसीआई की ओर से फिलहाल उनके आधिकारिक रिप्लेसमेंट का ऐलान नहीं किया गया है। ऐसे में दूसरे टी20 के लिए प्लेइंग-11 में उनकी जगह कौन लेगा, इस पर चर्चा तेज हो गई है।
बिश्नोई और सुंदर प्रमुख दावेदार
वरुण की जगह प्लेइंग-11 में शामिल होने के लिए फिलहाल रवि बिश्नोई और वॉशिंगटन सुंदर दो प्रमुख विकल्प नजर आ रहे हैं। दोनों खिलाड़ी पहले टी20 में बेंच पर थे। इन दोनों में से बिश्नोई को वरुण के सीधे विकल्प के तौर पर ज्यादा उपयुक्त माना जा रहा है। वहीं सुंदर को टीम में शामिल करने से भारतीय बल्लेबाजी को अतिरिक्त गहराई मिल सकती है।
वरुण की जगह पहले भी आए थे बिश्नोई
रवि बिश्नोई पहले भी वरुण चक्रवर्ती के विकल्प के तौर पर टीम में शामिल हो चुके हैं। जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने तीनों मुकाबले खेले थे और इस दौरान तीन विकेट अपने नाम किए थे। उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी खासियत तेज गति के साथ लेग स्पिन और प्रभावी गुगली है। बल्लेबाजों को उनकी गेंदों को पढ़ने में अक्सर परेशानी होती है।
सुंदर को मौका मिला तो क्या बदलेगा?
वॉशिंगटन सुंदर को टीम में शामिल करने का फायदा यह होगा कि भारतीय टीम की बल्लेबाजी में अतिरिक्त गहराई आएगी। वह उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं। टीम मैनेजमेंट ने पहले भी सुंदर पर भरोसा दिखाया है। ऐसे में कप्तान और कोचिंग स्टाफ अगर उन्हें बिश्नोई के ऊपर तरजीह देता है, तो यह फैसला पूरी तरह चौंकाने वाला नहीं होगा।
बिश्नोई क्यों हैं वरुण के लाइक-टू-लाइक विकल्प?
अगर सिर्फ वरुण चक्रवर्ती के गेंदबाजी विकल्प की बात की जाए तो रवि बिश्नोई ज्यादा स्वाभाविक विकल्प दिखाई देते हैं। भले ही बिश्नोई वरुण की तरह रहस्यमयी गेंदबाजी नहीं करते, लेकिन उनकी गति और गुगली बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है। ऐसे में दूसरे टी20 में प्लेइंग-11 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि टीम मैनेजमेंट वरुण की जगह विकेट लेने वाले विशेषज्ञ स्पिनर बिश्नोई को मौका देता है या बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए सुंदर पर भरोसा करता है।