भोपाल: मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा तंज कसा है। भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राहुल गांधी की उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि अब वे 50 साल से ज्यादा के हो चुके हैं और उनमें पहले जैसा जोश नजर नहीं आता। उमा भारती की इस टिप्पणी के बाद प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। उमा भारती ने राहुल गांधी को लेकर कहा कि वे अब उम्र के उस पड़ाव पर पहुंच चुके हैं, जहां उन्हें ‘जवान’ कहना ठीक नहीं है। उन्होंने स्थानीय बोलचाल के शब्दों का इस्तेमाल करते हुए राहुल गांधी पर कटाक्ष किया।
‘राहुल गांधी डुकरा हो गए, काहे के जवान’
उमा भारती ने कहा, “राहुल तो खुद ही बुड्ढे हो गए, 50 से ज्यादा के हो गए। डुकरा हो गए डुकरा। इस उम्र में नाती-नतरा हो जाते हैं। काहे के जवान।”
पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान राहुल गांधी की उम्र और उनके राजनीतिक दावों पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच उमा भारती की टिप्पणी ने विवाद को और हवा दे दी है। हालांकि, राहुल गांधी की उम्र को लेकर की गई इस टिप्पणी पर कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि पार्टी नेता आने वाले दिनों में इस बयान का जवाब दे सकते हैं।
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी बोलीं उमा भारती
राहुल गांधी के इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिलने के सवाल पर भी उमा भारती ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिली है, तो इसके पीछे कुछ वैध कारण हो सकते हैं। उमा भारती ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम को अनुमति देने या रोकने का फैसला प्रशासनिक और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया जाता है। इसलिए अनुमति नहीं मिलने के मामले में जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। कांग्रेस की ओर से इस कार्यक्रम को युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। ऐसे में अनुमति को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
‘युवा मोदी को नेता मानेंगे, राहुल को नहीं’
उमा भारती ने जेन-जी यानी युवा पीढ़ी के विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं में जोश और उफान होता है, लेकिन उसमें विवेक भी होना चाहिए। उन्होंने नेपाल में हुए युवा आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं ने बड़ा राजनीतिक बदलाव किया, लेकिन प्रधानमंत्री के तौर पर 76 वर्षीय सुशीला कार्की को चुना गया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा भी अपने नेता का चयन सोच-समझकर करेंगे। उमा भारती के मुताबिक, देश के नौजवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता मानेंगे, राहुल गांधी को नहीं। उनका यह बयान सीधे तौर पर राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता और युवाओं के बीच उनकी स्वीकार्यता पर सवाल उठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ सकती है बयानबाजी
उमा भारती का बयान ऐसे समय आया है, जब मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। एक ओर भाजपा और संघ से जुड़े बड़े कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है, वहीं कांग्रेस भी राहुल गांधी के कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी के इंदौर दौरे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की तैयारियां जारी हैं। दूसरी ओर, भाजपा नेता लगातार कांग्रेस और राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में उमा भारती की टिप्पणी के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं। खासतौर पर राहुल गांधी की उम्र, युवा नेतृत्व और छात्रों के मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस बढ़ने की संभावना है।
अब कांग्रेस के पलटवार पर नजर
उमा भारती भाजपा की वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और उनके बयानों को राजनीतिक महत्व दिया जाता है। राहुल गांधी पर उनके इस तंज के बाद अब सबकी नजर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर है। कांग्रेस क्या उमा भारती के बयान को लेकर पलटवार करती है या फिर राहुल गांधी के कार्यक्रम और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर अपना फोकस बनाए रखती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल, उमा भारती की टिप्पणी ने मध्यप्रदेश की सियासत में एक नया राजनीतिक मुद्दा जरूर खड़ा कर दिया है।