राजस्थान के 10 नगर निगमों के लिए हुए चुनाव की मतगणना सोमवार को पूरी हुई। परिणामों ने कई शहरों में सियासी तस्वीर साफ कर दी है। जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा और कोटा में भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में है और यहां भाजपा का मेयर बनने की राह साफ दिखाई दे रही है।दूसरी ओर बीकानेर में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। जबकि पाली, अजमेर, भरतपुर और जोधपुर में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
पाली-अजमेर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी
पाली और अजमेर के परिणामों ने राजनीतिक समीकरणों को चौंकाया है। दोनों नगर निगमों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। वहीं अलवर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी है।जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है, जबकि भरतपुर में निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन मजबूत रहा है। ऐसे में इन निगमों में मेयर के चुनाव के दौरान निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
जयपुर में गजनफर अली की रिकॉर्ड जीत
राजधानी जयपुर में वार्ड नंबर 113 से कांग्रेस प्रत्याशी गजनफर अली ने बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने 10,014 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से चुनाव जीता, जिसे राजस्थान की सबसे बड़ी जीत बताया जा रहा है।वहीं हॉट सीट माने जा रहे वार्ड नंबर 112 में भाजपा प्रत्याशी और जयपुर की पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को हार का सामना करना पड़ा।वार्ड नंबर 35 से भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विमल कटियार भी चुनाव हार गए। उन्हें 1,461 वोटों से हार मिली।हालांकि जयपुर के 4 वार्डों का परिणाम फिलहाल रोक दिया गया है। इन सीटों पर री-पोलिंग के बाद अंतिम परिणाम घोषित किए जाएंगे।
जोधपुर में 21 साल की सरस्वती प्रजापत जीतीं
जोधपुर के चुनाव परिणाम में भी कई दिलचस्प नतीजे सामने आए। वार्ड नंबर 51 से कांग्रेस की 21 वर्षीय प्रत्याशी सरस्वती प्रजापत ने जीत हासिल की और पार्षद बनीं।वहीं वार्ड नंबर 42 से कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष ओंकार वर्मा को 279 वोट से हार मिली।वार्ड नंबर 28 से फुटबॉल के नेशनल प्लेयर और भाजपा प्रत्याशी विकास राघवानी ने जीत दर्ज की। वहीं वार्ड नंबर 99 में कांग्रेस की पूर्व मेयर कुंती देवड़ा को भाजपा की निकिता ने हरा दिया।जोधपुर में एक वार्ड का परिणाम अभी रोका गया है। यहां भी री-पोलिंग के बाद अंतिम नतीजा सामने आएगा।
उदयपुर में दिग्गज नेताओं के रिश्तेदारों की जीत
उदयपुर के नतीजों में राजनीतिक परिवारों और दिग्गज नेताओं से जुड़े प्रत्याशियों की जीत भी चर्चा में रही।
वार्ड नंबर 73 से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के भाई की बहू डॉ. हितांशी शर्मा ने चुनाव जीता।वहीं कांग्रेस के उदयपुर शहर अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ की पत्नी डॉ. पूनम कुंवर ने वार्ड नंबर 17 से जीत दर्ज की।इसके अलावा पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के दोनों दामाद के भाई अतुल चंडालिया ने वार्ड नंबर 78 से और आकाश वागरेचा ने वार्ड नंबर 5 से जीत हासिल की।
चार निगमों में निर्दलीय बनेंगे किंगमेकर
पाली, अजमेर, भरतपुर और जोधपुर में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। इन निगमों में मेयर चुनने के लिए भाजपा और कांग्रेस को निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।