खरगोन, 15 सितंबर 2026 | मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के टांडा बरुड़ में रबड़ी खाने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी में 20 से ज्यादा लोगों के बीमार होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में स्थानीय चिकित्सक ने करीब 40 ग्रामीणों के फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षणों के साथ इलाज के लिए पहुंचने की जानकारी दी। मरीजों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। एक गर्भवती महिला और एक बुजुर्ग की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें खरगोन जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाकी मरीजों का इलाज टांडा बरुड़ के स्वास्थ्य केंद्र और खरगोन के सरकारी व निजी अस्पतालों में किया जा रहा है।
बस स्टैंड की होटल से खरीदी थी रबड़ी
मरीजों और ग्रामीणों के मुताबिक रबड़ी टांडा बरुड़ बस स्टैंड स्थित एक होटल से खरीदी गई थी। रबड़ी खाने के कुछ समय बाद अलग-अलग परिवारों के लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की परेशानी होने लगी। एक के बाद एक मरीज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने लगे तो देर रात तक अस्पताल में गहमागहमी बनी रही। करीब 15 लोगों को उपचार के लिए खरगोन के निजी अस्पतालों में भी ले जाने की जानकारी सामने आई है।
डॉक्टर बोले- करीब 40 मरीज पहुंचे
स्थानीय चिकित्सक डॉ. जय पाटीदार के मुताबिक फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षणों के साथ करीब 40 ग्रामीण उपचार के लिए पहुंचे थे। इनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। गर्भवती महिला और बुजुर्ग मरीज को बेहतर इलाज के लिए खरगोन रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा विभाग को भी मामले की सूचना दी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय
घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य अमला गांव में सक्रिय हुआ और बीमार लोगों का उपचार शुरू किया गया। खरगोन जिले में टांडा बरुड़ क्षेत्र के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था उपलब्ध है, जबकि गंभीर मरीजों के लिए जिला चिकित्सालय में रेफरल सुविधा है। पुलिस भी संबंधित होटल पहुंचकर मामले की जानकारी जुटा रही है।
क्या रबड़ी ही थी वजह? जांच के बाद होगा साफ
मरीजों ने एक ही होटल से खरीदी गई रबड़ी खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात कही है, लेकिन रबड़ी में खराबी या दूषण की अंतिम पुष्टि अभी प्रयोगशाला जांच से होनी बाकी है। इसलिए फिलहाल इसे संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का मामला कहना ज्यादा सही है। खाद्य नमूने की लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बीमारी की वास्तविक वजह क्या थी और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं।
त्योहार के बीच घटना से उठे सवाल
घटना हरतालिका तीज के आसपास सामने आई है, जब मिठाई और दूध से बने खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इससे पहले 9 सितंबर को भी खरगोन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई होटल और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया था और स्वच्छता व खाद्य गुणवत्ता को लेकर निर्देश दिए थे। अब बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के बाद स्थानीय स्तर पर खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और सैंपलिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।