दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को देखते हुए केंद्र सरकार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के तहत एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर से जुड़े राज्यों को सलाह दी है कि नवंबर और दिसंबर के दौरान स्कूलों में फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटी और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन न किया जाए। CAQM ने संबंधित राज्य सरकारों और विभागों से कहा है कि वे इन कार्यक्रमों को किसी अन्य समय के लिए री-शेड्यूल करने या छात्रों को बाद में खेल गतिविधियों में शामिल होने का वैकल्पिक अवसर देने पर विचार करें। इसका उद्देश्य बच्चों की सेहत और पढ़ाई पर प्रदूषण के प्रतिकूल प्रभाव को रोकना है।
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता
दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के महीनों में वायु गुणवत्ता अक्सर खराब या बेहद खराब स्तर तक पहुंच जाती है। इस दौरान हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी समस्या वाले लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है। खुले मैदानों में खेलना, दौड़ना और लंबे समय तक शारीरिक गतिविधियों में शामिल होना प्रदूषण के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। ऐसे में CAQM ने स्कूलों में होने वाले स्पोर्ट्स इवेंट और फिजिकल एक्टिविटीज को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CAQM ने की थी बैठक
वायु प्रदूषण के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने CAQM से दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी करने को कहा था। इसके बाद CAQM ने पिछले साल 19 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर के संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ तत्काल बैठक की थी। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, NCR में शामिल राज्य सरकारों, दिल्ली सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), NCR के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। बैठक में प्रदूषण के दौरान स्कूलों में खेल और अन्य बाहरी गतिविधियों के आयोजन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर चर्चा की गई।
दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को पत्र
CAQM ने इस संबंध में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारों को पत्र भेजा है। इन राज्यों के NCR क्षेत्र हर साल सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण से प्रभावित होते हैं। CAQM ने संबंधित विभागों से कहा है कि वे नवंबर और दिसंबर में आयोजित होने वाली फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटीज और प्रतियोगिताओं को स्थगित करने या उनके लिए वैकल्पिक तारीख तय करने पर विचार करें। हालांकि, इसका उद्देश्य छात्रों को खेलों से पूरी तरह दूर रखना नहीं है। आयोग ने छात्रों को बाद में इन गतिविधियों में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही है, ताकि उनकी पढ़ाई और शारीरिक विकास दोनों प्रभावित न हों।
पराली, वाहनों और औद्योगिक प्रदूषण से बिगड़ती है हवा
दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं। इनमें पराली जलाना, वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक प्रदूषण, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल और मौसम संबंधी परिस्थितियां शामिल हैं। सर्दियों में हवा की गति कम होने और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण प्रदूषक कण लंबे समय तक हवा में बने रहते हैं। इससे एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI खराब स्तर तक पहुंच सकता है।
सितंबर से मार्च तक चलेगा जागरूकता अभियान
CAQM प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकारों और संबंधित विभागों के साथ मिलकर कई सुधारात्मक कदम उठा रहा है। इसी क्रम में इस साल सितंबर से एक सघन सूचना, शिक्षा और संचार यानी IEC अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान अगले साल मार्च तक चलाया जाएगा। इसके तहत लोगों को वायु प्रदूषण के कारणों, बचाव के उपायों और प्रदूषण कम करने में आम जनता की भूमिका के बारे में जागरूक किया जाएगा। स्कूलों में खेल गतिविधियों को लेकर जारी सलाह भी इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है, ताकि प्रदूषण के सबसे गंभीर दौर में बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बचाया जा सके।