भोपाल में स्वाइन फ्लू से एक व्यक्ति की मौत के बाद नगर निगम ने साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। शहर में बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए निगम की टीमें सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, गंदगी फैलाने और प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। सोमवार को नगर निगम की टीमों ने खुले में थूकने वाले 9 लोगों को पकड़ा। सभी से मौके पर ही कुल 900 रुपये का जुर्माना वसूला गया। निगम अधिकारियों के मुताबिक, शहर में स्वच्छता बनाए रखने और संक्रमण फैलने की आशंका को कम करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
खजूरी बायपास में चला जांच अभियान
नगर निगम के जोन-14 की टीम ने खजूरी बायपास इलाके में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान वाइन शॉप, अवैध अहातों और आसपास की दुकानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई जगह गंदगी मिली। इसके अलावा सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल भी पाया गया। निगम की टीम ने कुल 14 मामलों में कार्रवाई करते हुए 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मौके से करीब 25 किलो प्लास्टिक पॉलीथिन भी जब्त की गई। निगम अधिकारियों ने दुकानदारों और आसपास के लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी।
एक दिन में 35 मामलों में कार्रवाई
नगर निगम की अलग-अलग टीमों ने सोमवार को शहर में कुल 35 मामलों में कार्रवाई की। इनमें कचरा अलग-अलग नहीं रखना, खुले में गंदगी फैलाना, कचरा जलाना और सार्वजनिक स्थानों पर थूकना जैसे मामले शामिल रहे। इन सभी कार्रवाइयों के जरिए निगम ने कुल 28,900 रुपये का जुर्माना वसूला। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए निगरानी और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
भोपाल में डेंगू के मरीज भी बढ़े
स्वाइन फ्लू के बीच भोपाल में डेंगू के मामलों ने भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सितंबर के शुरुआती 14 दिनों में शहर में डेंगू के 10 मरीज मिल चुके हैं। सोमवार को ही दो नए मरीजों की पुष्टि हुई। इसके साथ ही इस साल भोपाल में डेंगू मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है। सितंबर में अब तक डेंगू की 240 जांच की जा चुकी हैं। तुलना करें तो पिछले साल सितंबर में 387 जांच हुई थीं, जिनमें केवल 4 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। यानी इस बार पिछले साल की तुलना में जांच की संख्या कम है, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक सामने आ रही है।
चिकनगुनिया की जांच भी जारी
भोपाल में चिकनगुनिया को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच की जा रही है। अब तक 1,018 जांचों में 25 मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि वे बुखार या शरीर में दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और इलाज से बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सकता है।
डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर और आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की है। डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में भी पनप सकते हैं, इसलिए पानी जमा होने से रोकना जरूरी है।
बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें और टंकी साफ रखें।
- गमलों, पुराने टायरों और छत पर रखे बर्तनों में पानी जमा न होने दें।
- घर के आसपास कचरा और गंदगी न जमा होने दें।
- सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द या कमजोरी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
- बिना सलाह के खुद से दवा न लें।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बीमारी से बचाव के लिए साफ-सफाई, मच्छरों की रोकथाम और समय पर चिकित्सकीय सलाह सबसे जरूरी है।