नई दिल्ली - भारत और अफगानिस्तान के बीच पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिलने पर पूर्व भारतीय चयनकर्ता और कप्तान कृष श्रीकांत ने सवाल उठाए हैं। श्रीकांत का मानना है कि हालिया प्रदर्शन को देखते हुए वैभव को टीम से बाहर रखना उनके साथ उचित व्यवहार नहीं है।
संजू सैमसन को मिली वैभव पर तरजीह
पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को मौका दिया। 15 साल के वैभव को इस मुकाबले में बेंच पर बैठना पड़ा। श्रीकांत ने इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि पिछली टी20 इंटरनेशनल सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को अगले ही मुकाबले में बाहर कर देना टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल खड़े करता है।
जिम्बाब्वे सीरीज में बने थे प्लेयर ऑफ द सीरीज
वैभव ने अपनी पिछली टी20 इंटरनेशनल सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की थी। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 151 रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट 196.10 रहा था। इस प्रदर्शन के दम पर उन्हें सीरीज का प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था। इसके अलावा वैभव ने दलीप ट्रॉफी में भी बल्ले से प्रभाव छोड़ा, जिससे उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित की।
पत्नी ने भी पूछा- वैभव क्यों नहीं खेल रहा?
श्रीकांत ने अपने बयान में एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के खिलाफ पहला टी20 शुरू होने के बाद जब उन्हें पता चला कि वैभव प्लेइंग-11 में नहीं हैं, तो उनकी पत्नी ने भी इस फैसले पर सवाल किया। श्रीकांत के मुताबिक, उनकी पत्नी ने कहा कि पिछली सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज को मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है। इसके बाद दोनों के बीच इस फैसले को लेकर चर्चा भी हुई।
‘वैभव के साथ उचित व्यवहार नहीं हो रहा’
श्रीकांत ने चिंता जताते हुए कहा कि अगर किसी युवा खिलाड़ी को लगातार टीम में शामिल किया जाए और फिर अचानक बाहर कर दिया जाए, तो उसके आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर वैभव अगले मुकाबले में खेलते हैं, तो उनके मन में यह सवाल रह सकता है कि अगर वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए तो क्या अगले मैच में फिर टीम से बाहर कर दिए जाएंगे।
टॉप ऑर्डर में बदलाव से बचने की सलाह
पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि टीम मैनेजमेंट को वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा दिखाना चाहिए। उनके मुताबिक, खासकर टॉप ऑर्डर में बार-बार बदलाव खिलाड़ियों के लिए असुरक्षा की भावना पैदा कर सकता है। श्रीकांत ने संकेत दिया कि युवा खिलाड़ियों को लगातार मौके और टीम मैनेजमेंट का भरोसा मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि अफगानिस्तान के खिलाफ अगले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में जगह मिलती है या नहीं।