रियाद: यमन के ईरान समर्थित हुथी विद्रोहियों द्वारा किए गए सिलसिलेवार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद मंगलवार को सऊदी अरब के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई। सऊदी सिविल डिफेंस ने इतिहास में पहली बार इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का के अलावा जेद्दा और ताइफ में अचानक हवाई हमले की चेतावनी (Aerial Threat Alert) जारी की। हालांकि, कुछ ही समय बाद सिविल डिफेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि मक्का में खतरा टल गया है और नागरिकों को सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, इजरायली मीडिया 'हयोम' (Hayom) की रिपोर्ट के अनुसार, मदीना के प्रिंस मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अस्थायी रूप से उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा।
तेल रिफाइनरियों में लगी आग, 73 लोग घायल
यमन के हुथी विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के कई सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचों पर पिछले कुछ वर्षों का सबसे बड़ा हमला बोला है। इन हमलों में सऊदी की तेल रिफाइनरियों में भीषण आग लग गई और कम से कम 73 लोग घायल हो गए। इसके जवाब में सऊदी समर्थित यमन सरकार और सऊदी गठबंधन सेना ने यमन के ताइज़ (Taiz) शहर के पास कई ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले किए हैं। दूसरी ओर, हुथियों ने खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस पर एक साथ दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमला करने का दावा किया है।

सऊदी का दावा खारिज, हुथियों ने बताया पुराना झूठ
सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन का दावा है कि उन्होंने मक्का की ओर बढ़ रहे एक हुथी ड्रोन को नियंत्रित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही हवा में मार गिराया। हालांकि, हुथी नेतृत्व ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। हुथी पोलितब्यूरो सदस्य हाजेम अल-असद ने सोशल मीडिया पर कहा कि मक्का को निशाना बनाने की खबर एक पुरानी और निराधार मनगढ़ंत कहानी है, जिससे अब कोई गुमराह नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सऊदी की आक्रामकता जारी रही, तो यमनी सेना का जवाबी हमला और भी भयानक रूप लेगा।
रेड सी और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर गहराया वैश्विक संकट
यमन युद्ध के नए सिरे से भड़कने के पीछे हुथियों द्वारा लाल सागर (Red Sea) में की गई समुद्री नाकाबंदी और सऊदी जहाजों पर लगातार हमले हैं। महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब (Bab al-Mandab) जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है। कतर के विदेश मंत्रालय के अधिकारी इब्राहिम अल हाशमी ने चेतावनी दी है कि इस समुद्री मार्ग का बंद होना पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होगा। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध में सीधे हस्तक्षेप करने के सऊदी क्राउन प्रिंस के अनुरोध को खारिज कर दिया है और दावा किया है कि हुथियों ने वाशिंगटन से संपर्क कर अमेरिका को इस संघर्ष से दूर रहने को कहा है।