लखनऊ, 16 सितंबर। उत्तर प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पदों की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की विशेष छूट का प्रावधान भी किया गया है।
चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा लाभ
स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी कर चुके पात्र पूर्व अग्निवीरों को इन दोनों पदों की सीधी भर्ती में आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। यह आरक्षण क्षैतिज होगा, यानी अभ्यर्थी जिस सामाजिक श्रेणी से संबंधित होगा, उसे उसी श्रेणी में समायोजित किया जाएगा। यह व्यवस्था जेल और परिवहन विभाग की सभी भर्तियों के बजाय निर्धारित पदों की सीधी भर्ती के लिए है।
पीआरडी स्वयंसेवकों का दैनिक भत्ता ₹500 से बढ़ाकर ₹600
कैबिनेट ने प्रांतीय रक्षक दल यानी पीआरडी स्वयंसेवकों का दैनिक ड्यूटी भत्ता ₹500 से बढ़ाकर ₹600 करने का प्रस्ताव भी स्वीकार किया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, इस बढ़ोतरी से 30 दिन ड्यूटी करने वाले स्वयंसेवक को महीने में ₹3,000 अतिरिक्त मिलेंगे। इस प्रकार भुगतान ड्यूटी के दिनों के आधार पर होगा।
पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना का लाभ पाने के लिए स्वयंसेवक का एक वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन महीने ड्यूटी करना आवश्यक होगा। स्वास्थ्य कवरेज स्वयंसेवक की सेवा अवधि के दौरान उपलब्ध रहेगा। आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत पहले से कवर स्वयंसेवकों और आश्रितों को नई पीआरडी योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
रसोइयों और आंगनवाड़ी कर्मियों के लिए पहले हो चुकी हैं घोषणाएं
इससे पहले राज्य सरकार परिषदीय विद्यालयों की रसोइयों के मासिक मानदेय में ₹1,000 की बढ़ोतरी तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा कर चुकी है। इन वर्गों और उनके परिवारों के लिए भी सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की गई थी। ये घोषणाएं 15 सितंबर की कैबिनेट बैठक से पहले की हैं।