घर में पौधे लगाने से न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ती है, बल्कि चारों तरफ हरियाली देखकर मन भी खुश रहता है। लेकिन कई बार पौधों की हरी-भरी पत्तियां अचानक पीली पड़ने लगती हैं। ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे पौधे में पानी डाल देते हैं। हालांकि, पत्तियों का पीला होना हमेशा पानी की कमी का संकेत नहीं होता। कई बार जरूरत से ज्यादा पानी भी पौधे को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आपके घर के पौधों की पत्तियां भी पीली हो रही हैं, तो पानी देने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच कर लें।
सबसे पहले मिट्टी की नमी जांचें
पत्तियां पीली दिखने पर सबसे पहले गमले की मिट्टी को हाथ से चेक करें। इसके लिए अपनी उंगली को करीब एक से दो इंच तक मिट्टी में डालकर देखें।
- अगर मिट्टी अंदर तक गीली है, तो तुरंत पानी देने की जरूरत नहीं है।
- अगर मिट्टी सूखी और भुरभुरी महसूस हो रही है, तो पौधे को पानी दिया जा सकता है।
- केवल ऊपर की मिट्टी देखकर पानी डालना सही तरीका नहीं है।
कई बार गमले की ऊपरी परत सूख जाती है, लेकिन नीचे की मिट्टी में पर्याप्त नमी मौजूद रहती है। ऐसे में दोबारा पानी देने से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
ज्यादा पानी भी बना सकता है पत्तियों को पीला
पौधों की पत्तियां पीली होने की एक बड़ी वजह जरूरत से ज्यादा पानी देना भी हो सकती है। जब गमले में लगातार पानी जमा रहता है, तो जड़ों तक पर्याप्त हवा नहीं पहुंच पाती। इससे जड़ों पर दबाव पड़ता है और पौधे की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं। इसलिए हर दिन एक तय मात्रा में पानी डालने के बजाय मिट्टी की नमी देखकर पानी देना बेहतर होता है। खासकर बारिश और उमस वाले मौसम में पौधों को पानी देने से पहले मिट्टी जरूर जांचें।
गमले में ड्रेनेज होल होना जरूरी
पौधे के गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद यानी ड्रेनेज होल होना बहुत जरूरी है। अगर गमले में पानी बाहर निकलने की जगह नहीं होगी, तो अतिरिक्त पानी मिट्टी में जमा रहेगा। इससे जड़ों में सड़न और दूसरी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। पौधा लगाते समय ऐसे गमले का इस्तेमाल करें, जिसके नीचे पर्याप्त ड्रेनेज होल हों। इसके अलावा, अगर गमले की प्लेट में पानी जमा हो जाए, तो उसे भी समय-समय पर खाली कर दें।
सिर्फ पानी नहीं, ये वजहें भी हो सकती हैं जिम्मेदार
पौधों की पत्तियों के पीले पड़ने के पीछे केवल पानी की समस्या नहीं होती। इसके कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, जैसे:
कम रोशनी
कुछ पौधों को पर्याप्त धूप या रोशनी नहीं मिलती, तो उनकी पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं। हालांकि, हर पौधे की रोशनी की जरूरत अलग होती है। इसलिए पौधे की किस्म के अनुसार उसे सही जगह पर रखें।
पोषक तत्वों की कमी
मिट्टी में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने पर भी पत्तियों का रंग बदल सकता है। लंबे समय से एक ही गमले में लगे पौधों को कभी-कभी खाद या उपयुक्त पोषण की जरूरत होती है।
मौसम में अचानक बदलाव
बहुत ज्यादा गर्मी, ठंड, बारिश या उमस में अचानक बदलाव से भी पौधे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे मौसम में पानी, रोशनी और पौधे की जगह पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
पुरानी पत्तियां
कुछ पुराने पत्तों का पीला होकर गिरना पौधे की सामान्य प्रक्रिया भी हो सकती है। लेकिन अगर लगातार कई पत्तियां पीली हो रही हैं या पौधा मुरझाने लगा है, तो इसकी वजह जरूर जांचनी चाहिए।
पौधों को पानी देने का सही तरीका
पौधों को पानी देते समय कुछ आसान बातों का ध्यान रखें:
- पानी डालने से पहले मिट्टी की नमी जांचें।
- पानी धीरे-धीरे डालें, ताकि मिट्टी अच्छी तरह नम हो सके।
- इतना पानी न डालें कि वह लंबे समय तक गमले में जमा रहे।
- गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूर रखें।
- बारिश या उमस के मौसम में पानी देने की मात्रा कम कर दें।
- पौधे की किस्म, मौसम और मिट्टी की स्थिति के अनुसार पानी दें।
- पत्तियां पीली दिखते ही तुरंत पानी डालना शुरू न करें।
पौधों को हरा-भरा रखने के लिए छोटी सावधानी जरूरी
पौधों की पत्तियां पीली पड़ने पर घबराने या तुरंत पानी डालने के बजाय पहले मिट्टी, रोशनी और गमले की स्थिति जांचें। सही मात्रा में पानी, पर्याप्त रोशनी और अच्छी जल निकासी पौधों को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
याद रखें, पौधों की देखभाल में ज्यादा पानी देना भी उतना ही नुकसानदायक हो सकता है, जितना पानी की कमी।