भोपाल: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान के बाद भोपाल में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब हिंदू उत्सव समिति ने बीजेपी विधायक टी राजा की सभा आयोजित कराने की अनुमति मांगी है। समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर कार्यक्रम के लिए अनुमति देने की मांग रखी। समिति की ओर से 5 अक्टूबर को टी राजा की सभा आयोजित कराने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके लिए भोपाल के इकबाल मैदान, अग्रसेन चौक और सेंट्रल लाइब्रेरी सहित कुछ स्थानों पर कार्यक्रम की अनुमति मांगी गई है।
5 अक्टूबर को सभा कराने की तैयारी
हिंदू उत्सव समिति ने पुलिस प्रशासन को दिए आवेदन में टी राजा की सभा के लिए 5 अक्टूबर की तारीख प्रस्तावित की है। समिति की ओर से कार्यक्रम स्थल के तौर पर इकबाल मैदान, अग्रसेन चौक और सेंट्रल लाइब्रेरी का विकल्प रखा गया है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि सभा को लेकर प्रशासन से औपचारिक अनुमति मांगी गई है। अब कार्यक्रम की अनुमति और स्थान को लेकर पुलिस प्रशासन के निर्णय का इंतजार है।
मई में सुरक्षा कारणों से रद्द हुई थी सभा
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इससे पहले मई महीने में भी टी राजा की सभा प्रस्तावित थी। हालांकि, उस समय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सभा को रद्द कर दिया था। अब समिति ने एक बार फिर सभा आयोजित कराने की मांग रखी है। कार्यक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की समीक्षा कर सकता है।
ओवैसी के बयान पर संत समाज नाराज
वहीं, असदुद्दीन ओवैसी के बयान को लेकर संत समाज ने भी नाराजगी जताई है। संत समाज के अध्यक्ष अनिलानंद महाराज ने कहा कि बयान को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की जाएगी। संत समाज की ओर से ओवैसी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग रखी गई है। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे खुद थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने की मांग करेंगे।
पुलिस की अनुमति पर टिकी नजर
भोपाल में एक ओर ओवैसी के बयान को लेकर विरोध और कार्रवाई की मांग उठ रही है, तो दूसरी ओर हिंदू उत्सव समिति ने टी राजा की सभा के लिए अनुमति मांगी है। ऐसे में पुलिस प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी। फिलहाल, टी राजा की सभा को लेकर अनुमति पर अंतिम निर्णय पुलिस प्रशासन को लेना है। कार्यक्रम स्थल, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य शर्तों को लेकर प्रशासन की मंजूरी के बाद ही सभा की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।