सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेजी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं के दाम बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। सोने की कीमत में करीब 0.85 प्रतिशत और चांदी में 1.57 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी मजबूत बने हुए हैं। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर होने वाली बैठक के फैसले पर है। यह फैसला बुधवार देर शाम जारी किया जाएगा।
MCX पर सोना 1,52,100 रुपये तक पहुंचा
MCX पर सोने का 5 अक्टूबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,50,809 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,291 रुपये यानी 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,52,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। दोपहर 12 बजे के करीब सोना 953 रुपये यानी 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,51,762 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
अब तक के कारोबार में सोने ने:
- न्यूनतम स्तर: 1,51,450 रुपये प्रति 10 ग्राम
- उच्चतम स्तर: 1,52,100 रुपये प्रति 10 ग्राम
छुआ है। इससे पता चलता है कि शुरुआती तेजी के बाद सोना सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।
चांदी की कीमत में 1.57 प्रतिशत तक उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। MCX पर चांदी का 4 दिसंबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,32,118 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 3,667 रुपये यानी 1.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,35,785 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। दोपहर 12 बजे चांदी 3,250 रुपये यानी 1.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,35,988 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
अब तक के कारोबार में चांदी ने:
- न्यूनतम स्तर: 2,34,540 रुपये प्रति किलोग्राम
- उच्चतम स्तर: 2,35,988 रुपये प्रति किलोग्राम
दर्ज किया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी मजबूत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दोनों कीमती धातुओं में तेजी बनी हुई है। कॉमेक्स पर सोना 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,366 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी की कीमत में 1.96 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 65 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को ब्याज दरों की उम्मीदों, डॉलर की चाल, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग से दिशा मिलती है।
अमेरिकी फेड के फैसले पर बाजार की नजर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर दो दिवसीय बैठक के फैसले का ऐलान बुधवार देर शाम किया जाएगा। इस फैसले को लेकर दुनियाभर के बाजारों में सतर्कता बनी हुई है। निवेशक यह देख रहे हैं कि अमेरिकी फेड ब्याज दरों को लेकर क्या संकेत देता है। यदि फेड का रुख नरम रहता है, तो सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं को समर्थन मिल सकता है। वहीं, सख्त रुख से इनकी कीमतों पर दबाव भी बन सकता है। हालांकि, बाजार की प्रतिक्रिया केवल ब्याज दरों के फैसले पर निर्भर नहीं करेगी। फेड चेयरमैन की टिप्पणी और आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत भी महत्वपूर्ण होंगे।
कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें करीब चार महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इसके साथ ही अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड भी 5 प्रतिशत से ऊपर चली गई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई को बढ़ाने का दबाव बना सकती हैं। वहीं, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से निवेशकों का रुझान बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर बढ़ सकता है। इन दोनों कारकों के कारण सोने और चांदी में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशक फेड के फैसले के साथ-साथ डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव पर भी नजर रखेंगे।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
सोने और चांदी में बुधवार को तेजी जरूर देखने को मिली है, लेकिन आगे की दिशा वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी फेड के फैसले से तय हो सकती है। ऐसे में निवेशकों को अचानक आई तेजी में खरीदारी करने के बजाय बाजार की चाल, जोखिम और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए।