भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं और आम नागरिकों को नशामुक्त भारत का संकल्प दिलाया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नई दिल्ली से शुरू किए गए "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत" राष्ट्रीय अभियान के तहत आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा नशे से पूरी तरह दूर रहेगा। मुख्यमंत्री ने लोगों को शपथ दिलाते हुए कहा कि हर व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करेगा और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू किया राष्ट्रीय अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए स्वस्थ, जागरूक और सक्षम भारत का निर्माण करना है। इसी अभियान से जुड़ते हुए मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की और लोगों से नशा छोड़ने का संकल्प लेने की अपील की।
"भारत की युवा शक्ति ही देश की सबसे बड़ी ताकत"
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा लोकतांत्रिक देश है और आने वाले वर्षों में विश्व नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी है और इसे साकार करने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और गौतम बुद्ध की भूमि ने हमेशा दुनिया को सही मार्ग दिखाया है। हमारी संस्कृति जीवन, प्रकृति और मानवता के प्रति सम्मान सिखाती है। ऐसे में नशा जैसी बुराई से दूर रहना हर नागरिक का कर्तव्य है।
दो भाइयों की घटना सुनाकर दी सीख
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई एक दुखद घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नशे की लत के कारण दो भाइयों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने एक-दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। इस घटना में एक भाई की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने कहा कि यह घटना बताती है कि नशा इंसान की सोच, परिवार और भविष्य सब कुछ खत्म कर देता है। इसलिए युवाओं को समय रहते इससे दूरी बना लेनी चाहिए।
धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 19 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी लागू की जा चुकी है। इसके अलावा पुलिस और प्रशासन लगातार नशे के कारोबार पर कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकार या किसी एक विभाग की नहीं है, बल्कि इसमें पूरे समाज की भागीदारी जरूरी है।
"नक्सलवाद के बाद अब नशे के खिलाफ लड़ाई"
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरकार ने नक्सलवाद पर प्रभावी कार्रवाई की, उसी तरह अब नशे के खिलाफ भी निर्णायक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन इलाकों में कभी नक्सल गतिविधियां सक्रिय थीं, वहां भी नशे का नेटवर्क फैलाने की कोशिश की गई थी, लेकिन सरकार लगातार ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
लोगों को दिलाई यह शपथ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से यह संकल्प दिलाया कि वे किसी भी प्रकार के नशीले या मादक पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने लोगों से परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों और समाज के हर व्यक्ति को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का भी आग्रह किया।