कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर भारत का गौरव बढ़ाने वाले वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों का रविवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। ग्लासगो से लौटे खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक, परिवार के सदस्य और खेल प्रेमी एयरपोर्ट पहुंचे। ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के बीच खिलाड़ियों का अभिनंदन किया गया। स्वागत पाने वालों में ओलंपिक पदक विजेता और कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट मीराबाई चानू, सिल्वर मेडल विजेता लवप्रीत सिंह और ज्ञानेश्वरी यादव शामिल रहीं। खिलाड़ियों ने भी इस प्यार और सम्मान के लिए देशवासियों का आभार जताया।
मीराबाई चानू ने जीता लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड
महिलाओं की 49 किलोग्राम भारवर्ग में मीराबाई चानू ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ उन्होंने भारतीय वेटलिफ्टिंग इतिहास में अपनी उपलब्धियों में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया। भारत लौटने के बाद मीराबाई ने कहा कि अपने देश और मणिपुर का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनकी मेहनत को देशभर में सम्मान मिल रहा है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर कही बड़ी बात
मीराबाई चानू ने उम्मीद जताई कि यदि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होते हैं तो इससे भारतीय खिलाड़ियों को बड़ा फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि घरेलू सरजमीं पर इतने बड़े खेल आयोजन से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी, नई प्रतिभाएं सामने आएंगी और देश की खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी। उनके अनुसार भारत में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भविष्य के चैंपियन तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
सरकार से खेल सुविधाएं बढ़ाने की अपील
मीराबाई ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश की खेल संरचना में काफी सकारात्मक बदलाव हुए हैं और सरकार खिलाड़ियों को लगातार सहयोग दे रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि हर खेल और हर स्तर के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और विदेश में अभ्यास के अवसर मिलते रहें, तो भारत भविष्य में और अधिक अंतरराष्ट्रीय पदक जीत सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि सही समर्थन मिलने पर आने वाले वर्षों में भारतीय खिलाड़ी विश्व मंच पर और मजबूत प्रदर्शन करेंगे।
लवप्रीत सिंह बोले- अगला लक्ष्य एशियन गेम्स का गोल्ड
पुरुषों की +110 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करने वाले लवप्रीत सिंह ने कुल 388 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने स्नैच में 176 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी बनाया। हालांकि वे गोल्ड मेडल से सिर्फ एक किलोग्राम पीछे रह गए, लेकिन उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स पर है। लवप्रीत ने अपने कोच और वरिष्ठ खिलाड़ियों का आभार जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।
ज्ञानेश्वरी यादव ने परिवार को दिया सफलता का श्रेय
53 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कहा कि उनके परिवार को उनकी उपलब्धि पर बेहद गर्व है। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतना उनके करियर का बड़ा पड़ाव है और अब उनका लक्ष्य 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना है। ज्ञानेश्वरी ने कहा कि भारत में यदि कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित होते हैं तो खिलाड़ियों को घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अतिरिक्त आत्मविश्वास मिलेगा।
वेटलिफ्टिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम ने कुल 8 पदक अपने नाम किए।
1 गोल्ड मेडल
6 सिल्वर मेडल
1 ब्रॉन्ज मेडल
भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि वेटलिफ्टिंग में भारत लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
एयरपोर्ट पर दिखा जश्न का माहौल
दिल्ली एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के स्वागत के दौरान खेल प्रेमियों ने तिरंगा लहराकर और फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। खिलाड़ियों के साथ तस्वीरें खिंचवाने और उन्हें बधाई देने के लिए प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिला।