कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और सरकार के प्रमुख के रूप में उनके 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बीजेपी और एनडीए सहयोगी दल 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेवा से संकल्प अभियान’ चलाएंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान की जानकारी दी।
एक महीने तक होंगे 12 राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम
राजनाथ सिंह ने बताया कि ‘सेवा से संकल्प अभियान’ के तहत एक महीने के दौरान देशभर में 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का फोकस सेवा, सामाजिक कल्याण और जनभागीदारी पर रहेगा। अभियान के जरिए लोगों को राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को ‘सेवा’ से जोड़ा
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पूरी यात्रा को एक शब्द में समेटना हो तो वह ‘सेवा’ है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 13 साल और देश के प्रधानमंत्री के तौर पर 12 साल की जिम्मेदारी निभाई है।
बड़े बदलाव के लिए जरूरी हैं पांच चीजें
राजनाथ सिंह ने कहा कि बड़े बदलाव केवल योजनाएं बनाने से नहीं आते। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण, बेहतर नीतियां, मजबूत क्रियान्वयन, राजनीतिक इच्छाशक्ति और अपने फैसलों पर दृढ़ विश्वास जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में इन पहलुओं को लगातार देखा गया है।
‘वंदे मातरम्’ का जिक्र कर बंगाल की विरासत पर बात
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षा मंत्री ने पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की विरासत को विशेष महत्व दिया गया है। राजनाथ सिंह ने बताया कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की सभी छह कड़ियां गाई गईं।
भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार के काम का किया जिक्र
राजनाथ सिंह ने कहा कि 2014 से पहले भारत को अक्सर जरूरत से ज्यादा नियमों और कमजोर प्रशासन वाली अर्थव्यवस्था के तौर पर देखा जाता था। उनके मुताबिक, अब देश में बेहतर नियमन और प्रशासन के साथ अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। उन्होंने इस बदलाव को ‘Modinomics’ से जोड़ते हुए इसे Inclusive, New-age, Digital, Innovative और Atma Nirbhar के रूप में परिभाषित किया।
‘Prohibited unless Permitted’ से ‘Permitted unless Prohibited’ तक का दावा
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शासन व्यवस्था के दृष्टिकोण में भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले कई क्षेत्रों में ‘अनुमति मिलने तक प्रतिबंध’ जैसी व्यवस्था थी, जबकि अब ‘प्रतिबंध होने तक अनुमति’ की सोच को बढ़ावा दिया गया है। उनके अनुसार, इससे नवाचार, उद्यमिता और निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए अधिक अवसर बने हैं।
गरीबी और सोशल सिक्योरिटी का भी किया उल्लेख
राजनाथ सिंह ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं, जबकि 94 करोड़ से ज्यादा लोग सोशल सिक्योरिटी नेटवर्क के दायरे में आए हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े लोगों के जीवन में हुए बदलाव और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को दर्शाते हैं।
‘फर्जी नैरेटिव’ का जिक्र, काम को बताया जवाब
रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अलग-अलग तरह के नैरेटिव बनाने के प्रयास किए गए। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब किसी सरकार का काम जमीन पर दिखाई देता है तो ऐसे नैरेटिव का प्रभाव कम हो जाता है।
रक्षा उत्पादन और निर्यात में बढ़ोतरी का दावा
राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 40 से अधिक ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों को पुनर्गठित कर सात डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स में बदला गया है। उनके मुताबिक, 2014 की तुलना में रक्षा उत्पादन चार गुना बढ़कर करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि रक्षा निर्यात में 56 गुना वृद्धि हुई है।
‘मन की बात’ और पद्म पुरस्कारों का किया उल्लेख
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने समाज के जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को पहचान दिलाने की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। उन्होंने ‘मन की बात’ कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके जरिए देश के कई ऐसे लोगों की उपलब्धियां सामने आईं, जो पहले व्यापक स्तर पर चर्चा में नहीं थे। उन्होंने पद्म पुरस्कारों को भी आम नागरिकों के असाधारण कार्यों को सम्मान देने का माध्यम बताया।
सफल नेतृत्व की पांच खूबियां गिनाईं
रक्षा मंत्री ने सफल नेतृत्व के लिए पांच प्रमुख गुणों का उल्लेख किया। इनमें खुद उदाहरण पेश करना, सामूहिक लक्ष्य तय कर सहमति बनाना, बदलाव लाने का साहस, दूसरों को आगे बढ़ने का अवसर देना और अच्छे कार्यों को पहचानकर प्रोत्साहित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में इन गुणों को लगातार देखा गया है।
‘सेवा से संकल्प’ सिर्फ उपलब्धियों का उत्सव नहीं: राजनाथ
अभियान के समापन संदेश में राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘सेवा से संकल्प अभियान’ केवल उपलब्धियों और आंकड़ों को सामने रखने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य देश निर्माण में लोगों की भागीदारी को और बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि ‘नए भारत’ की कहानी है।