उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को हुई, लेकिन पहले ही दिन सदन की कार्यवाही दिवंगत पूर्व और वर्तमान विधायकों को श्रद्धांजलि देने के बाद मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा को लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच बताते हुए जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा की अपील की। वहीं विपक्ष ने NEET, आरक्षण, किसानों और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।
पहले दिन श्रद्धांजलि के बाद स्थगित हुई कार्यवाही
मानसून सत्र की शुरुआत दिवंगत पूर्व एवं वर्तमान विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। अब 4 अगस्त को सदन की अगली बैठक होगी, जिसमें योगी सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी।
सीएम योगी बोले- सदन जनता की आवाज का सबसे बड़ा मंच
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधानसभा किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है। उन्होंने सभी दलों के सदस्यों से सदन के समय का सकारात्मक उपयोग करने और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा करने की अपील की।
समाजवादी पार्टी पर सीएम का हमला
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके शासनकाल में किसानों का शोषण हुआ, वे आज किसानों के हितैषी बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने गन्ना किसानों का भुगतान सीधे बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था की और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू कीं। राम मंदिर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग पहले इसका विरोध करते थे, वे अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आउटसोर्स सेवा आयोग को अगले एक-दो सप्ताह में लागू किया जाएगा।
विधानसभा के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन
मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर के बाहर विपक्षी दलों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल से विधानसभा पहुंचे। उन्होंने साइकिल के आगे दान पेटी रखकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे और E20 पेट्रोल के विरोध में प्रदर्शन किया। कुछ सपा विधायक सिर और हाथ पर पट्टी बांधकर पहुंचे। उनका कहना था कि छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में उन्होंने यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया है। इसके अलावा कई विपक्षी विधायक पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे और NEET, आरक्षण तथा अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सिद्धार्थनाथ सिंह का पलटवार
भाजपा नेता सिद्धार्थनाथ सिंह ने विपक्ष के प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए कहा कि विधानसभा के बाहर किए जा रहे विरोध का सदन की कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सनातन संस्कृति का अपमान करने का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक माफी की मांग भी की।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने क्या कहा?
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हंगामे की बजाय सदन के भीतर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि 4 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। साथ ही संसद में सनातन और हिंदू संस्कृति को लेकर हुई टिप्पणियों पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
मायावती ने भी दी प्रतिक्रिया
बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि भले ही मानसून सत्र केवल चार कार्यदिवस का है, लेकिन इसमें जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सत्र आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की बजाय जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
4 अगस्त को पेश होगा अनुपूरक बजट
योगी सरकार 4 अगस्त को विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके बाद 6 अगस्त को बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। सरकार का कहना है कि इस सत्र में कई महत्वपूर्ण वित्तीय और विधायी कार्य पूरे किए जाएंगे।