दतिया। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का परिणाम घोषित हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को हराकर जीत हासिल की है। घनश्याम सिंह ने 6,056 वोटों के अंतर से विजय दर्ज कर दतिया सीट पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रखा है।
मतगणना के दौरान कई राउंड तक मुकाबला बेहद दिलचस्प बना रहा। शुरुआती चरणों में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन मध्य के राउंड में कांग्रेस ने बढ़त बनानी शुरू कर दी। अंतिम राउंड तक कांग्रेस प्रत्याशी अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहे और जीत अपने नाम की।
आखिरी राउंड में घटा जीत का अंतर
मतगणना के 13वें और 14वें राउंड में भाजपा ने वापसी की कोशिश की और कांग्रेस की बढ़त को कुछ हद तक कम किया। इन राउंड में भाजपा को अपेक्षाकृत अधिक वोट मिले, जिससे जीत का अंतर तेजी से घटा।हालांकि, शुरुआती बढ़त के कारण कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह अंत तक आगे बने रहे और अंतिम परिणाम में 6,056 वोटों से जीत दर्ज की।
भाजपा के लिए बड़ा झटका
दतिया सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय मानी जा रही थी। भाजपा ने इस चुनाव में आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था। भाजपा अब इस परिणाम की समीक्षा कर अपनी चुनावी रणनीति पर मंथन करेगी।
आजाद समाज पार्टी ने बिगाड़ा समीकरण
इस उपचुनाव में कांग्रेस और भाजपा के अलावा आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के उम्मीदवार दामोदर यादव का प्रदर्शन भी चर्चा में रहा। उन्हें 20 हजार से अधिक वोट मिले।
दामोदर यादव ओबीसी वर्ग से आते हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, एएसपी को मिले वोटों ने भाजपा के पारंपरिक समीकरणों को प्रभावित किया है। खासकर ओबीसी वोट बैंक में सेंध को भाजपा के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
21 में से 18 उम्मीदवारों की जमानत जब्त
दतिया उपचुनाव में कुल 21 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें कांग्रेस, भाजपा और आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशियों को छोड़कर बाकी 18 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।यह परिणाम बताता है कि मुकाबला मुख्य रूप से तीन प्रमुख उम्मीदवारों के बीच ही सीमित रहा और अन्य प्रत्याशी मतदाताओं पर प्रभाव नहीं छोड़ सके।
नोटा को मिले 398 वोट
इस चुनाव में मतदाताओं ने नोटा (इनमें से कोई नहीं) का विकल्प भी चुना। नोटा के खाते में कुल 398 वोट गए।वहीं, सभी 21 उम्मीदवारों में सबसे कम वोट भीम सेना के प्रत्याशी को मिले, जिन्हें केवल 81 मत प्राप्त हुए। खास बात यह रही कि 12 उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट मिले।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह
घनश्याम सिंह की जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। पार्टी नेताओं ने इसे जनता के विश्वास और स्थानीय मुद्दों की जीत बताया है।कांग्रेस इस जीत को प्रदेश की राजनीति में सकारात्मक संकेत के रूप में देख रही है। वहीं भाजपा के लिए यह परिणाम आगामी चुनावों से पहले अपनी रणनीति और संगठन की समीक्षा करने का संदेश दे रहा है।