Assam Flood News Today: देशभर में मानसून सक्रिय है, लेकिन पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। असम में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। हजारों घर जलमग्न हैं, लाखों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हालात का जायजा लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
असम में बाढ़ का कहर, 25 जिलों में हालात गंभीर
असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान पर होने से बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 जिलों के 7 लाख 27 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है और हजारों परिवार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। खेत, सड़कें और पुल जलमग्न होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
100 से अधिक लोग लापता, बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि बाढ़ की चपेट में आने के बाद 100 से अधिक लोग लापता हैं। उन्होंने आशंका जताई कि जैसे-जैसे पानी घटेगा और दूरदराज के इलाकों से सूचनाएं मिलेंगी, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। प्रशासन लापता लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहा है।
सेना, वायुसेना और NDRF ने संभाला मोर्चा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें नावों और हेलीकॉप्टरों की मदद से फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और आवश्यक सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित निकालने की है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चराईदेव और शिवसागर सहित कई बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया। उन्होंने राहत शिविरों में पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की और अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है और स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
नागालैंड से आने वाले पानी को बताया बड़ी वजह
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि इस बार बाढ़ का मुख्य कारण पड़ोसी राज्य नागालैंड से आने वाला भारी जलप्रवाह है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों से बड़ी मात्रा में पानी असम की नदियों में पहुंचा, जिससे अचानक जलस्तर बढ़ गया और कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए।
हजारों घर डूबे, खेती और सड़क नेटवर्क को भारी नुकसान
बाढ़ के कारण हजारों मकान जलमग्न हो गए हैं। कई जगह सड़कें टूट गई हैं और पुलों पर पानी बहने से यातायात पूरी तरह प्रभावित है। कृषि भूमि में पानी भरने से किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है। कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
सरकार ने लोगों से की अपील
राज्य सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें भी भेजी जा रही हैं।