सावन के पहले ही मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। बुधवार को राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में कहीं हल्की फुहारें तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मानसूनी द्रोणिका गुना और दमोह के आसपास से गुजर रही है, जबकि प्रदेश के उत्तर-मध्य क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बना हुआ है।इन्हीं मजबूत मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेशभर में वर्षा की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।
अगले 5 दिन बारिश जारी रहेगी, तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट
सक्रिय मौसम तंत्र के कारण इस सप्ताह मध्यप्रदेश में व्यापक बारिश होने की संभावना है। अगले पांच दिनों तक अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज और भारी वर्षा भी हो सकती है।लगातार हो रही बारिश और घने बादलों के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं रात का तापमान भी सामान्य से कम बना हुआ है।
अहमदपुर में सबसे ज्यादा बारिश, कई जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज
बुधवार शाम 5:30 बजे तक सबसे अधिक 133 मिलीमीटर (करीब 5 इंच) बारिश सीहोर जिले के अहमदपुर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सिवनी में 119 मिलीमीटर (करीब साढ़े 4 इंच), राजगढ़ में 39 मिलीमीटर, सीधी में 29 मिलीमीटर और दमोह में 26 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई।
सिवनी में मां-बेटे नाले में बहे, मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ा
सिवनी जिले में पिछले 12 घंटों के दौरान 151 मिलीमीटर (करीब 6 इंच) बारिश होने से बरघाट, केवलारी, उगली और छपारा क्षेत्र जलमग्न हो गए। वैनगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से लखनवाड़ा घाट और पुराना पुल पानी में डूब गया।हरिदर्शन नगर के पास उफनते नाले में चार वर्षीय ऋषि यादव अपनी मां सुनीता यादव के साथ बह गया। स्थानीय लोगों ने सुनीता को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन मासूम ऋषि की मौत हो गई।इधर, मंडला जिले में लगातार बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है।
सिंगरौली में 30 लाख की लागत से बने दो चेकडैम बारिश में बह गए
सिंगरौली जिले के देवसर जनपद अंतर्गत बेलगांव ग्राम पंचायत में तेज बारिश के चलते करीब 30 लाख रुपये की लागत से बने दो चेकडैम बह गए। वर्ष 2026 में हाड़ाहिया नाला पर लगभग 15-15 लाख रुपये की लागत से इन चेकडैमों का निर्माण कराया गया था।