MP Assembly Monsoon Session 2026: मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। एक ओर सरकार ने नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक, प्राइवेट यूनिवर्सिटी स्थापना एवं संचालन विधेयक और पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक 2026 को सदन से पारित करा लिया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने दिल्ली में छात्रों के साथ कथित मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
किन-किन विधेयकों को मिली मंजूरी?
बुधवार को विधानसभा ने जिन प्रमुख विधेयकों को पारित किया, उनमें शामिल हैं-
मध्यप्रदेश नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2026
प्राइवेट यूनिवर्सिटी स्थापना एवं संचालन विधेयक 2026
पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक 2026
इसके अलावा आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 पर सदन में चर्चा जारी रही।
विपक्ष ने क्यों किया हंगामा?
सत्र शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली में छात्रों के साथ कथित मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर सदन में पहुंचे और नारेबाजी की। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।
प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल पर क्या बोले कांग्रेस विधायक?
प्राइवेट यूनिवर्सिटी विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार-
निजी विश्वविद्यालयों के लिए 25 एकड़ भूमि की अनिवार्यता समाप्त कर रही है।
5 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट की शर्त भी हटा रही है।
महेश परमार ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार यह फैसला किसके दबाव में ले रही है और आरोप लगाया कि नियमों को "माफियाओं के दबाव" में शिथिल किया जा रहा है।
ध्यान दें: यह विपक्ष द्वारा लगाया गया आरोप है। सरकार ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
सरकार का क्या जवाब?
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि-
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है।
नए विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों में समय लग रहा है, लेकिन सरकार प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल का बयान
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सरकार उन गांवों को प्राथमिकता दे रही है, जहां-
पंचायत भवन नहीं हैं।
सामुदायिक भवन उपलब्ध नहीं हैं।
ऐसे गांवों में पहले आधारभूत ढांचे का निर्माण कराया जाएगा।
विधानसभा में क्या रहा दिनभर का घटनाक्रम?
| समय | घटनाक्रम |
|---|---|
| सत्र की शुरुआत | विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव दिया |
| अध्यक्ष का फैसला | चर्चा की अनुमति नहीं |
| विरोध | कांग्रेस विधायक काली पट्टी पहनकर पहुंचे |
| हंगामा | कार्यवाही 15 मिनट स्थगित |
| बाद में | तीन विधेयक पारित |