नई दिल्ली- राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और विपक्षी नेताओं के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। खड़गे ने प्रधानमंत्री से छात्रों से सार्वजनिक माफी मांगने, गृह मंत्री से दोनों सदनों में बयान देने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
छात्रों पर कार्रवाई को बताया शर्मनाक
राज्यसभा में बोलते हुए खड़गे ने कहा कि 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान जिस तरह कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई। खड़गे ने कहा कि ऐसे दृश्य पूरे देश के लिए चिंता का विषय हैं और इसकी निष्पक्ष जवाबदेही तय होनी चाहिए।
विपक्षी नेताओं के साथ व्यवहार पर उठाए सवाल
खड़गे ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों और नेताओं के साथ पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की और हिरासत में लेने की घटना भी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं और संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
सरकार के सामने रखीं चार बड़ी मांगें
राज्यसभा में खड़गे ने सरकार से कई अहम मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री दोनों सदनों में विस्तृत बयान दें और स्पष्ट करें कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार है तथा दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से छात्रों से सार्वजनिक माफी मांगने, शिक्षा व्यवस्था पर संसद में व्यापक चर्चा कराने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की।
शिक्षा व्यवस्था पर बहस की मांग
खड़गे ने कहा कि देश में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े गंभीर सवाल लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संसद में इस विषय पर विस्तृत और समयबद्ध चर्चा कराई जाए ताकि छात्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके।