MP Vidhan Sabha News: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन NEET पेपर लीक को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। सदन में ई-अटेंडेंस, आदिवासी भूमि, केन-बेतवा परियोजना और चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना जैसे कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश के कई छात्र भी NEET पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं और दो छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा से बच रही है।
NEET पर स्थगन प्रस्ताव खारिज, कांग्रेस का वॉकआउट
कांग्रेस ने NEET पेपर लीक पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने यह कहते हुए प्रस्ताव खारिज कर दिया कि यह मामला मध्य प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र से संबंधित नहीं है। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया, नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया।
ई-अटेंडेंस सिस्टम पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक सुनील उइके ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस प्रणाली की विश्वसनीयता और डेटा सुरक्षा पर सवाल उठाए। जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ई-अटेंडेंस सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ी है और प्रदेश के करीब 96 प्रतिशत क्षेत्रों में यह व्यवस्था सुचारु रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल कुछ इलाकों में नेटवर्क की समस्या है और डेटा पूरी तरह सुरक्षित है।
आदिवासी जमीन के ट्रांसफर पर जांच का भरोसा
कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने आदिवासी क्षेत्रों में भूमि के अवैध हस्तांतरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 1980 के बाद कई जगहों पर छल-कपट से आदिवासियों की जमीन गैर-जनजातियों के नाम की गई। इस पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
केन-बेतवा परियोजना पर मुआवजे को लेकर सरकार घिरी
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि परियोजना से पन्ना और छतरपुर के हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं और यदि कोई पात्र परिवार मुआवजे से वंचित है तो जांच के बाद उसे राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कहा कि यदि किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो एक महीने के भीतर जांच कर समाधान किया जाएगा।
चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर भी उठे सवाल
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना में कथित घोटाले का मुद्दा उठाते हुए परियोजना के कामकाज पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि परियोजना के नाम पर अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि मंत्री कृष्णा गौर ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि संबंधित कंपनी अभी पांच वर्षों तक परियोजना के रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ने मामले की विभागीय जांच कराने के निर्देश दिए।
निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक भी रहेगा चर्चा में
विधानसभा में आज निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 भी पेश किया जाएगा। कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने इस विधेयक का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र का व्यवसायीकरण कर रही है और इससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।