लोकसभा चुनाव के लिए 252 सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने के बाद भी कांग्रेस के दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तीन-तीन अहम सीटों पर प्रत्याशी का इंतजार है। जानकार सूत्रों के अनुसार कांग्रेस को आंतरिक गुटबाजी के कारण उम्मीदवारों के चयन में मुश्किलें आ रही हैं। इंडिया गठबंधन में पार्टी की सहयोगी आप और मुख्य प्रतिद्वंदी बीजेपी उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। राजनीतिक प्रेक्षकों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा में देरी से नुकसान की आशंका को नकारते हुए कांग्रेस का मानना है कि विभिन्न धड़ों में सर्वसम्मति के प्रयास और ऐनवक्त पर उम्मीदवारों की घोषणा से बगावत जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।
दिल्ली और यूपी की छह सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों का इंतजार हुआ लंबा। अमेठी का फैसला वायनाड में मतदान के बाद होगा।