लोकसभा चुनाव के लिए 252 सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने के बाद भी कांग्रेस के दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तीन-तीन अहम सीटों पर प्रत्याशी का इंतजार है। जानकार सूत्रों के अनुसार कांग्रेस को आंतरिक गुटबाजी के कारण उम्मीदवारों के चयन में मुश्किलें आ रही हैं। इंडिया गठबंधन में पार्टी की सहयोगी आप और मुख्य प्रतिद्वंदी बीजेपी उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। राजनीतिक प्रेक्षकों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा में देरी से नुकसान की आशंका को नकारते हुए कांग्रेस का मानना है कि विभिन्न धड़ों में सर्वसम्मति के प्रयास और ऐनवक्त पर उम्मीदवारों की घोषणा से बगावत जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।
बन चुके हैं पैनल
गठबंधन में आप चार सीटों पर तो कांग्रेस तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस चुनाव समिति की तरफ से उम्मीदवारों के नामों का पैनल बनाया जा चुका है। कांग्रेस के खाते की तीन सीटों में चांदनी चौक सीट से जेपी अग्रवाल, संदीप दीक्षित और अलका लांबा प्रमुख दावेदार हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट से अरविंदर सिंह लवली और अनिल चौधरी का नाम सामने आ रहा है। यहां कन्हैया कुमार की भी संभावना तलाशी जा रही है। उत्तर पश्चिमी दिल्ली सीट से राजकुमार चौहान और उदित राज के नाम प्रमुख हैं।
अमेठी की घोषणा वायनाड चुनाव के बाद
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में गांधी परिवार की परंपरागत अमेठी व रायबरेली सीटों के अलावा प्रयागराज सीट पर भी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अमेठी-रायबरेली सीट का फैसला गांधी परिवार पर ही छोड़ा गया है। अमेठी से पिछला चुनाव हारे राहुल गांधी फिर से मैदान में उतरेंगे या नहीं? यह वायनाड सीट पर 26 अप्रेल को मतदान के बाद तय होगा। वायनाड से चुनाव लड़ रहे राहुल की वहां मतदान से पहले अमेठी सीट से उम्मीदवारी घोषित होती है तो वहां के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
Comments (0)