बंगाल की खाड़ी में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.6 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र समुद्र के भीतर था और फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है। भूकंप के बाद संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सुबह 7:43 बजे दर्ज किया गया भूकंप
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप 2 जून को सुबह 7 बजकर 43 मिनट 17 सेकंड पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र बंगाल की खाड़ी में 14.027 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.132 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। भूकंप समुद्र के भीतर आने के कारण आसपास के क्षेत्रों में हल्के झटके महसूस किए गए। हालांकि किसी बड़े नुकसान या सुनामी जैसी स्थिति की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
10 किलोमीटर की गहराई में था केंद्र
एनसीएस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक 10 किलोमीटर की गहराई पर आने वाले भूकंप उथली श्रेणी में रखे जाते हैं। ऐसे भूकंपों के झटके अपेक्षाकृत अधिक महसूस हो सकते हैं, लेकिन नुकसान की स्थिति भूकंप की तीव्रता और केंद्र की दूरी पर निर्भर करती है। फिलहाल इस भूकंप से किसी प्रकार के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भूकंप की जानकारी साझा की। केंद्र ने बताया कि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.6 रही और इसका केंद्र बंगाल की खाड़ी में स्थित था। भूकंप की जानकारी सामने आने के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा की, हालांकि प्रभावित क्षेत्रों से किसी गंभीर असर की खबर नहीं मिली।
फरवरी में भी आया था भूकंप
इससे पहले 11 फरवरी 2026 को भी बंगाल की खाड़ी में 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। उस समय भूकंप सुबह 5:12 बजे आया था और उसकी गहराई भी 10 किलोमीटर थी। उसका केंद्र 14.94 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 90.18 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। लगातार अंतराल पर समुद्री क्षेत्रों में आने वाले भूकंपों पर वैज्ञानिक नजर बनाए रखते हैं ताकि किसी संभावित भूगर्भीय गतिविधि का समय रहते आकलन किया जा सके।
क्या कहते हैं भूकंप वैज्ञानिक?
भूकंप विज्ञान के अनुसार पृथ्वी की सतह से लेकर लगभग 700 किलोमीटर की गहराई तक कहीं भी भूकंप आ सकता है। 0 से 70 किलोमीटर की गहराई वाले भूकंपों को उथला, 70 से 300 किलोमीटर के बीच आने वाले भूकंपों को मध्यवर्ती और 300 से 700 किलोमीटर की गहराई वाले भूकंपों को गहरा भूकंप कहा जाता है। भूकंप की गहराई और तीव्रता दोनों ही उसके प्रभाव को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।