मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लोगों को अगले दो दिनों तक पानी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम द्वारा कोलार ग्रेविटी मेन लाइन में आवश्यक सुधार और रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य किया जा रहा है, जिसके चलते शहर के करीब 75 इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित रहेगी। इस दौरान कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। नगर निगम के अनुसार, पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने और भविष्य में होने वाली तकनीकी समस्याओं को रोकने के उद्देश्य से यह कार्य किया जा रहा है। हालांकि, इसका सीधा असर हजारों परिवारों पर पड़ेगा।
दो दिन तक रहेगी पानी की किल्लत
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे पहले से पानी का पर्याप्त भंडारण कर लें, ताकि आपूर्ति बंद रहने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जलापूर्ति बाधित रहने के कारण घरेलू उपयोग, कार्यालयों, दुकानों और अन्य संस्थानों में भी पानी की समस्या देखने को मिल सकती है। खासकर गर्मी के मौसम में पानी की सप्लाई रुकने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
इन प्रमुख क्षेत्रों में नहीं आएगा पानी
नगर निगम द्वारा जारी जानकारी के अनुसार शाहपुरा, अरेरा कॉलोनी, चार इमली, शिवाजी नगर, चूना भट्टी, नेहरू नगर, कोटरा सुल्तानाबाद, एमपी नगर जोन-2, गुलमोहर, तुलसी नगर, माता मंदिर, बुधवारा, इतवारा, सिंधी कॉलोनी, हमीदिया रोड, निशातपुरा सहित लगभग 75 इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित रहेगी। इसके अलावा आसपास के कई रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी पानी की सप्लाई नहीं हो सकेगी।
टैंकरों से पानी पहुंचाने का दावा
जल संकट को देखते हुए नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था करने का दावा किया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन इलाकों में पानी की अधिक समस्या होगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर टैंकर भेजे जाएंगे। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए कई नागरिकों को आशंका है कि टैंकरों की संख्या पर्याप्त नहीं होने पर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
नगर निगम ने शहरवासियों से जल संरक्षण करने और पानी का उपयोग आवश्यक जरूरतों तक सीमित रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मेंटेनेंस कार्य पूरा होते ही जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य कर दिया जाएगा।
गर्मी में बढ़ी चिंता
पहले से ही बढ़ते तापमान और गर्मी के बीच पानी की सप्लाई बंद होने से लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को अगले 48 घंटे तक विशेष सावधानी बरतने और पानी का सोच-समझकर उपयोग करने की सलाह दी गई है। नगर निगम का दावा है कि मरम्मत कार्य तय समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद शहर में जलापूर्ति सामान्य रूप से शुरू कर दी जाएगी।