भोपाल। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत छात्र अब निर्धारित 3 साल की बजाय केवल 2 से 2.5 साल में स्नातक (ग्रेजुएशन) की डिग्री पूरी कर सकेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की क्रेडिट-आधारित प्रणाली को अपनाया जा रहा है।
ऑनलाइन कोर्स से मिलेगा अतिरिक्त क्रेडिट
नई व्यवस्था में छात्र रेगुलर पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन शॉर्ट-टर्म कोर्स भी कर सकेंगे। इन कोर्सेस को स्वयं और NPTEL जैसे प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा। विभाग की योजना के अनुसार लगभग 40 प्रतिशत पाठ्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से पूरा किया जा सकेगा। इन ऑनलाइन कोर्स को पूरा करने के बाद छात्रों को अतिरिक्त क्रेडिट मिलेंगे, जिन्हें उनकी मुख्य डिग्री में जोड़ा जाएगा। इससे छात्र तय क्रेडिट जल्दी पूरा कर सकेंगे और समय से पहले ग्रेजुएशन पूरा कर पाएंगे।
करीब 160 क्रेडिट होंगे जरूरी
वर्तमान व्यवस्था में यूजी डिग्री के लिए लगभग 160 क्रेडिट पूरे करने होते हैं। नई प्रणाली में यही क्रेडिट विभिन्न माध्यमों से रेगुलर क्लास और ऑनलाइन कोर्स के जरिए अर्जित किए जा सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के बोर्ड ऑफ स्टडीज के माध्यम से यह तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है कि कौन-कौन से ऑनलाइन कोर्स विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किए जा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी मैपिंग प्रक्रिया लगभग एक महीने में पूरी हो सकती है। इसके बाद विस्तृत दिशा-निर्देश और मान्य ऑनलाइन कोर्स की सूची जारी की जाएगी।
नए सत्र से लागू होने की संभावना
यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो इस व्यवस्था को आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू किया जा सकता है। इसके बाद छात्र नियमित पढ़ाई के साथ ऑनलाइन कोर्स कर अतिरिक्त क्रेडिट अर्जित कर सकेंगे। इससे कम समय में डिग्री पूरी करने का छात्रों को अवसर मिलेगा,इंडस्ट्री आधारित ऑनलाइन कोर्स से नई स्किल्स,डिजिटल लर्निंग,रोजगार और करियर के बेहतर अवसर मिलेंगे।
जल्द जारी होगी कोर्स सूची
उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुपम राजन के अनुसार, स्वयं और NPTEL पर उपलब्ध कोर्सेस की मैपिंग की जा रही है। जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश और कोर्स सूची जारी की जाएगी। पूरी प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लग सकता है, और नए सत्र से छात्र 40 प्रतिशत तक कोर्स ऑनलाइन माध्यम से कर सकेंगे।