छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले 5 दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है।
कई जिलों में बारिश से तापमान में कमी
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश और बादलों की मौजूदगी के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट देखी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी तापमान सामान्य से कम बना रह सकता है।
सक्रिय मौसम प्रणालियों का प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, झारखंड और ओडिशा के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण तथा पूर्वी विदर्भ क्षेत्र में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर छत्तीसगढ़ पर पड़ रहा है। इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
रायपुर समेत कई जिलों में बारिश के आसार
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे मौसम और अधिक सक्रिय बना रहेगा।
40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के मुताबिक कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया। कई जिलों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
7 जून तक बना रह सकता है मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार 2 जून से 5 जून तक प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। वहीं 6 और 7 जून को भी कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
लोगों और किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि आंधी, तूफान और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को भी खेतों में कार्य करते समय मौसम की जानकारी लेते रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।