देशभर में कमर्शियल LPG सिलेंडर का उपयोग करने वाले लाखों ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। भारत गैस एजेंसी ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी प्रक्रिया में नया नियम लागू किया है। अब ग्राहकों को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए DAC (Delivery Authentication Code) अनिवार्य रूप से बताना होगा। बिना DAC कोड के सत्यापन के सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी। कंपनी का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य गैस वितरण प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और फर्जीवाड़ा मुक्त बनाना है।
क्या है DAC कोड?
DAC कोड एक प्रकार का OTP (वन टाइम पासवर्ड) है, जो कमर्शियल LPG सिलेंडर बुक करने के बाद ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। जब डिलीवरी एजेंट सिलेंडर लेकर ग्राहक के पास पहुंचेगा, तब ग्राहक को यह कोड एजेंट को बताना होगा। एजेंट द्वारा कोड का सत्यापन किए जाने के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। यदि कोड सही नहीं बताया गया या उपलब्ध नहीं कराया गया तो सिलेंडर की डिलीवरी नहीं होगी।
होटल, रेस्टोरेंट और व्यवसायिक उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य
भारत गैस के अनुसार यह व्यवस्था विशेष रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, दुकान और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए लागू की गई है, जहां कमर्शियल LPG सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। कंपनी का मानना है कि इस कदम से गलत डिलीवरी, फर्जी एंट्री और गैस वितरण से जुड़ी शिकायतों में कमी आएगी।
डिलीवरी के बाद ही साझा करें कोड
कंपनी ने ग्राहकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। भारत गैस ने स्पष्ट किया है कि DAC कोड डिलीवरी एजेंट को तभी बताया जाए जब सिलेंडर ग्राहक के पास पहुंच जाए और उसकी जांच कर ली जाए। यदि ग्राहक पहले ही कोड साझा कर देता है तो गलत डिलीवरी या किसी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से सिलेंडर प्राप्त करने और उसकी पुष्टि करने के बाद ही कोड साझा करना उचित माना गया है।
मिलेगा डिजिटल कैश मेमो
नई व्यवस्था के तहत ग्राहकों को सिलेंडर की डिलीवरी के बाद डिजिटल कैश मेमो भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें डिलीवरी और भुगतान से संबंधित पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी। ग्राहकों को उनके मोबाइल पर भुगतान और डिलीवरी का रिकॉर्ड प्राप्त होगा, जिससे कागजी बिल रखने की आवश्यकता कम हो जाएगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
मोबाइल नंबर अपडेट रखना जरूरी
भारत गैस ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर हमेशा सक्रिय और अपडेट रखें। यदि मोबाइल नंबर बदल गया है या बंद हो गया है तो उसे जल्द से जल्द अपडेट कराया जाए। क्योंकि DAC कोड उसी मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा जो गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में दर्ज है। मोबाइल नंबर अपडेट न होने पर ग्राहकों को डिलीवरी के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फर्जीवाड़े और विवादों पर लगेगी रोक
कंपनी के अनुसार गैस डिलीवरी से जुड़े मामलों में कई बार गलत एंट्री, फर्जी डिलीवरी और ग्राहकों की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन समस्याओं को खत्म करने और सही उपभोक्ता तक गैस सिलेंडर पहुंचाने के लिए DAC सिस्टम लागू किया गया है। नई व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि सिलेंडर केवल उसी व्यक्ति को मिले जिसने बुकिंग कराई है और डिलीवरी का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहे।
ग्राहकों को मिलेगा सुरक्षित और पारदर्शी सिस्टम
भारत गैस का कहना है कि DAC आधारित डिलीवरी सिस्टम ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ गैस वितरण प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाएगा। इससे कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलेगी और गैस वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। नए नियम लागू होने के बाद अब कमर्शियल सिलेंडर प्राप्त करने के लिए ग्राहकों को DAC कोड का विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि इसके बिना गैस सिलेंडर की डिलीवरी संभव नहीं होगी।