नई दिल्ली - भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक संदेश सामने आया है। म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने भारत को आश्वासन दिया है कि म्यांमार की धरती का उपयोग भारत के खिलाफ किसी भी सुरक्षा गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
ह्लाइंग इस समय भारत यात्रा पर हैं
यह बयान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी विस्तृत वार्ता के दौरान सामने आया। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने को लेकर व्यापक चर्चा हुई। राष्ट्रपति ह्लाइंग इस समय पांच दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। यह यात्रा उनके हाल ही में राष्ट्रपति बनने के बाद दो महीनों के भीतर हो रही है, जो दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ते कूटनीतिक संवाद को दर्शाती है।
क्षेत्रीय सहयोग को नई दिशा मिल सकती है
गौरतलब है कि म्यांमार में पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को सत्ता से हटा दिया गया था, जिसके बाद देश में लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन और अशांति की स्थिति रही। इस पृष्ठभूमि में भारत के साथ यह उच्चस्तरीय वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दोनों देश न केवल पड़ोसी हैं बल्कि सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और विकास परियोजनाओं में भी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इस आश्वासन से भारत की पूर्वोत्तर सीमा क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को भी मजबूती मिलेगी और क्षेत्रीय सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।