प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। करीब 20 वर्षों बाद मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा की वापसी होने जा रही है। राज्य सरकार आगामी 1 अगस्त से "सुगम परिवहन सेवा" शुरू करने जा रही है, जिसके तहत पहले चरण में 620 रूटों पर 2432 बसों का संचालन किया जाएगा। इस योजना से करोड़ों यात्रियों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती यात्रा सुविधा मिलने की उम्मीद है।
20 साल बाद लौटेगी सरकारी बस सेवा
साल 2005 में मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम (MPRTC) के बंद होने के बाद राज्य में सार्वजनिक परिवहन की जिम्मेदारी लगभग पूरी तरह निजी बस संचालकों के हाथों में चली गई थी। इसके चलते कई क्षेत्रों में यात्रियों को मनमाने किराए, अनियमित सेवाओं और सीमित विकल्पों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब मोहन सरकार सरकारी परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में फिर से शुरू कर रही है, जिससे प्रदेश में यात्री सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।
1 अगस्त से शुरू होगा पहला चरण
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 5206 बसों का संचालन प्रस्तावित है। इनमें से पहले चरण में 1 अगस्त से 620 मार्गों पर 2432 बसें चलेंगी। सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश को इस परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।
इन जिलों को सबसे पहले मिलेगा लाभ
योजना के पहले चरण में इंदौर, भोपाल, अनूपपुर, भिंड, मैहर, मऊगंज और आलीराजपुर जिलों को प्राथमिकता दी गई है। इन जिलों के नागरिकों को सबसे पहले नई बस सेवा का लाभ मिलेगा। बाद में अन्य जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक इसका विस्तार किया जाएगा।
प्रमुख शहरों में इतने रूट और बसें
यात्रियों की संख्या और परिवहन आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संभागों और शहरों में बसों का आवंटन किया गया है।
- इंदौर : 121 रूट, 608 बसें
- उज्जैन : 120 रूट, 317 बसें
- भोपाल : 104 रूट, 358 बसें
- जबलपुर : 83 रूट, 309 बसें
इसके अलावा अन्य जिलों में भी आवश्यकतानुसार बसों का संचालन किया जाएगा।
निजी बसों की मनमानी पर लगेगी रोक
सरकारी बस सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को निजी बस ऑपरेटरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे किराए में पारदर्शिता आएगी और यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध होगी। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा, जहां सार्वजनिक परिवहन की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित और सस्ता सफर
सरकार का दावा है कि नई सुगम परिवहन सेवा के जरिए यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और किफायती यात्रा सुविधा मिलेगी। साथ ही प्रदेश के विभिन्न शहरों और गांवों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना मध्य प्रदेश के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। सरकारी बस सेवा की वापसी से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी। इसे मोहन सरकार के महत्वपूर्ण जनहितैषी फैसलों में से एक माना जा रहा है।