कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कोलकाता की भवानीपुर सीट सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबले का केंद्र बन गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भाजपा ने इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस अपने गढ़ को बचाने में जुटी है।
शाह के रोड शो के साथ शुभेंदु का शक्ति प्रदर्शन
भाजपा ने भवानीपुर में बड़ा दांव खेलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मैदान में उतार दिया है। शाह 1 अप्रैल की रात कोलकाता पहुंचेंगे और 2 अप्रैल को हाजरा मोड़ से विशाल रोड शो की अगुवाई करेंगे। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी सर्वे बिल्डिंग पहुंचकर नामांकन दाखिल करेंगे। भाजपा इस रोड शो को दक्षिण कोलकाता में अपनी ताकत दिखाने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने का बड़ा मौका मान रही है।
भाजपा का संकेत: शुभेंदु ही CM फेस?
शुभेंदु अधिकारी का भवानीपुर से चुनाव लड़ना और उनके नामांकन में अमित शाह की मौजूदगी को भाजपा के बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने भले ही औपचारिक घोषणा नहीं की हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह साफ माना जा रहा है कि शुभेंदु को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जा सकता है।
8 अप्रैल को ममता का ‘शक्ति शो’
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 8 अप्रैल को नामांकन दाखिल करेंगी। तृणमूल कांग्रेस के मुताबिक, ममता कालीघाट स्थित अपने आवास से विशाल जुलूस के साथ सर्वे बिल्डिंग तक जाएंगी। इस दौरान कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम, सुब्रत बख्शी समेत पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे। 2021 में नंदीग्राम में मिली हार के बाद ममता इस बार अपने ‘होम ग्राउंड’ पर कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं।
वोटर लिस्ट बना सबसे बड़ा सियासी मुद्दा
भवानीपुर सीट पर चुनावी गणित को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है वोटर लिस्ट का विवाद। करीब 47,000 नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं, जबकि 14,000 नाम अभी भी जांच के दायरे में हैं। बताया जा रहा है कि जांच के दायरे में आए 56% से अधिक नाम मुस्लिम समुदाय से जुड़े हैं, जो तृणमूल का कोर वोट बैंक माने जाते हैं।
‘47000’ का आंकड़ा बदल सकता है खेल
2021 के उपचुनाव में ममता बनर्जी ने करीब 58,000 वोटों से जीत दर्ज की थी। ऐसे में 47,000 वोटरों का हटना इस बार जीत-हार का अंतर पूरी तरह बदल सकता है। यही वजह है कि यह मुद्दा अब चुनावी बहस के केंद्र में आ गया है।
नंदीग्राम की रंजिश, भवानीपुर की जंग
2021 के चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को 1956 वोटों से हराया था। अब भवानीपुर में दोनों आमने-सामने हैं—एक तरफ ममता अपने गढ़ को बचाने की चुनौती में हैं, तो दूसरी तरफ शुभेंदु यहां सेंध लगाकर बड़ा सियासी संदेश देना चाहते हैं।