नागपुर- महाराष्ट्र के नागपुर जिले में आयोजित भारत दुर्गा मंदिर और धर्म सभा के शिलान्यास समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने देश के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत का ‘विश्वगुरु’ बनना निश्चित है और देश की प्रगति को लेकर किसी भी प्रकार का संदेह नहीं होना चाहिए।
भारत का विश्वगुरु बनना भी तय है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि जिस प्रकार पहले लोगों के मन में यह संदेह था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा या नहीं, लेकिन आज वह सपना साकार हो चुका है, उसी तरह भारत का विश्वगुरु बनना भी तय है। उन्होंने इसे देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया।
भारत के भविष्य को लेकर संदेह न करें
संघ प्रमुख ने भारत दुर्गा मंदिर की आधारशिला रखने के बाद कहा कि भारत का वैश्विक नेतृत्व हासिल करना कोई असंभव लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह निरंतर प्रयास, अनुशासन और सामूहिक संकल्प से संभव होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी में इस परिवर्तन की झलक स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे देश के भविष्य को लेकर मन में किसी प्रकार का संदेह न रखें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
भारत विश्व का मार्गदर्शन करेगा
उन्होंने साहस, आत्मनिर्भरता और अनुशासन को जीवन में अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि यही गुण भारत को मजबूत बनाएंगे और दुनिया को दिशा दिखाने में सक्षम करेंगे। मोहन भागवत ने यह भी कहा कि यदि देशवासी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं, तो भारत न केवल आर्थिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनेगा, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी विश्व का मार्गदर्शन करेगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और कार्यक्रम में देश की सांस्कृतिक विरासत तथा भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।