श्योपुर। मध्यप्रदेश के लिए एक बार फिर बड़ी वन्यजीव खबर है। बोत्सवाना से 8 चीते शनिवार को भारत पहुंचेंगे और इन्हें कूनो नेशनल पार्क में में रिलीज किया जाएगा। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव स्वयं कूनो पहुंचकर इन चीतों को विशेष बाड़े में छोड़ेंगे।
केंद्रीय मंत्री का कार्यक्रम
केंद्रीय मंत्री शनिवार सुबह नई दिल्ली से विशेष विमान द्वारा ग्वालियर पहुंचेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर के जरिए कूनो नेशनल पार्क पहुंचकर चीतों को रिलीज करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे वापस ग्वालियर रवाना होंगे।
6 मादा, 2 नर चीते
बोत्सवाना से आने वाले 8 चीतों में 6 मादा और 2 नर शामिल हैं। इनके शामिल होने के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या 39 से बढ़कर 47 हो जाएगी। वर्तमान में 36 चीते कूनो में और 3 गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद हैं।
सफल रहा कूनो का सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों ने यहां सफल प्रजनन किया है। हाल ही में एक नामीबियाई मादा चीता ने तीन शावकों को जन्म भी दिया है, जिससे कूनो की आबादी में इजाफा हुआ है।
क्यों चुना गया कूनो
भारत में 1952 में एशियाई चीतों के विलुप्त होने के बाद उन्हें फिर से बसाने की योजना बनी थी। वर्ष 2010 में भारतीय वन्यजीव संस्थान के सर्वे में कूनो को सबसे उपयुक्त पाया गया। करीब 750 वर्ग किलोमीटर का कोर क्षेत्र और आसपास का 3 हजार वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र चीतों के अनुकूल माना गया है।
गाइडलाइन के तहत तैयारियां
चीतों के आगमन से पहले बाड़ों का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था, पानी की उपलब्धता और शिकार घनत्व की समीक्षा की गई है। कूनो से लगे गांवों के लोगों को ‘चीता मित्र’ बनाया गया है ताकि संरक्षण कार्य में जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। करीब साढ़े तीन साल में चीता प्रोजेक्ट ने नई पहचान बनाई है। अब बोत्सवाना से आ रहे इन 8 नए मेहमानों के साथ मध्यप्रदेश एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण के राष्ट्रीय नक्शे पर सुर्खियों में है।
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