New Delhi: संयुक्त राष्ट्र में महिला शांति सैनिकों (UN Mission) का एक दल अबेई पहुंच गया है, जहां संयुक्त राष्ट्र अंतरिम सुरक्षा बल में भारतीय बटालियन के हिस्से के रूप में उन्हें तैनात किया जाएगा। बता दें कि साल 2007 में लाइबेरिया में पहली बार महिलाओं की टुकड़ी को तैनात करने के बाद से यह संयुक्त राष्ट्र मिशन में महिला शांति सैनिकों की भारत की सबसे बड़ी एकल इकाई होगी।
इससे पहले साल 2011 में की गई थी कार्रवाई
आपको बता दें कि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा (UN Mission) परिषद ने 27 जून, 2011 को अपने 1990 के संकल्प के मुताबिक सूडान के अबेई क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम सुरक्षा बल (UNISFA) की मदद से जवाबी कार्रवाई की थी।
ट्वीट कर दी जानकारी
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, राष्ट्र गौरवान्वित है! @UNISFA_1 में @UNPeacekeeping के लिए भारत की सभी महिला शांति स्थापना इकाई आज अबेई पहुंची है।
भारत की सबसे बड़ी एकल इकाई
संयुक्त राष्ट्र अंतरिम सुरक्षा बल (United Nations Interim Security Force), अबेई (UNISFA) में भारतीय बटालियन के हिस्से के रूप में अबेई में महिला शांति सैनिकों को तैनात किया गया है। यह संयुक्त राष्ट्र मिशन में महिला शांति सैनिकों की भारत की सबसे बड़ी एकल इकाई होगी। भारतीय सेना ने कहा था कि टीम महिलाओं और बच्चों को संयुक्त राष्ट्र के झंडे के तहत सर्वोच्च परिचालन और चुनौतीपूर्ण इलाके में से एक में राहत और सहायता प्रदान करेगी। भारतीय महिला शांति सैनिकों ने UNISFA के साथ अपनी तैनाती शुरू करने के लिए 6 जनवरी को भारत से प्रस्थान किया था।
पीएम मोदी ने ट्वीट में की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ''यह देखकर गर्व होता है। भारत की संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सक्रिय भागीदारी की परंपरा रही है। हमारी नारी शक्ति की भागीदारी और भी सुखद है।''
रुचिरा कंबोज है स्थायी प्रतिनिधि
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने गुरुवार को दल की एक तस्वीर के साथ ट्वीट किया।इसमें रुचिरा कंबोज ने लिखा, ''#Abyei @UNISFA_1 में संयुक्त राष्ट्र मिशन के लिए हमारी बटालियन के हिस्से के रूप में शांति सैनिकों की एक महिला पलटन तैनात कर रहा है। यह हाल के वर्षों में महिला #शांतिरक्षकों की अकेली सबसे बड़ी तैनाती है। टीम को शुभकामनाएं!''
महिलाओं ने अपनी अलग बनाई पहचान
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के बयान में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र की पहली पुलिस सलाहकार डॉ. किरण बेदी, यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड 2019 से सम्मानित मेजर सुमन गवानी और शक्ति देवी ने यूएन पीसकीपिंग में अपनी पहचान बनाई है।
दूसरे नंबर पर है भारत
31 अक्टूबर 2022 तक संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत दूसरा सबसे बड़ा योगदान करने वाला देश है। भारत ने 5,887 सैनिकों के साथ 12 मिशनों में काम किया है। वहीं, पहले नंबर पर 7,017 सैनिकों के साथ बांग्लादेश है।
Comments (0)