पीएम मोदी 28 मई को संसद के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे। संसद के नए भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार (New Parliament)को पीएम मोदी से भेंट की। साथ ही उनसे इस भवन का लोकार्पण करने का आग्रह किया। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों ने 5 अगस्त 2019 को सरकार से संसद के नए भवन के निर्माण के लिए आग्रह किया था। इसके बाद 10 दिसंबर 2020 को पीएम मोदी ने संसद के नए भवन का शिलान्यास किया था। संसद के (New Parliament)नवनिर्मित भवन को गुणवत्ता के साथ रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है।
1224 सांसदों के बैठने की व्यवस्था
चार मंजिला संसद भवन में 1224 सांसदों के बैठने की व्यवस्था की गई है। अब संसद का नवनिर्मित भवन भारत की गौरवशाली लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों को और अधिक समृद्ध करने का कार्य करेगा। साथ ही अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस भवन में सदस्यों को अपने कार्यों को और बेहतर तरीके से करने में भी सहायता मिलेगी
सुरक्षा के होंगे और भी पुख्ता इंतजाम
नए संसद भवन के लिए मार्शल की नई ड्रेस होगी। यहां सुरक्षा के कड़े और नए सिरे से इंतजाम किए जाएंगे. बताते चलें कि मार्च के आखिरी सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन का औचक निरीक्षण कर यहां चल रहे काम के बारे में जानकारी ली थी। नए संसद भवन में एक घंटे से ज्यादा समय तक रुके पीएम मोदी ने श्रमिकों से बातचीत भी की थी।
बैठ सकेंगे 888 सदस्य
संसद के वर्तमान भवन में लोकसभा में 550 जबकि राज्यसभा में 250 माननीय सदस्यों की बैठक की व्यवस्था है. भविष्य की जरूरतों को देखते हुए संसद के नवनिर्मित भवन में लोकसभा में 888 जबकि राज्यसभा में 384 सदस्यों की बैठक की व्यवस्था की गई है. दोनों सदनों का संयुक्त सत्र लोकसभा चेंबर में ही होगा. संसद सदस्यों के लिए एक लाउंज, एक पुस्तकालय, कई समिति कक्ष, भोजन क्षेत्र और पर्याप्त पार्किंग स्थान भी होगा।नई संसद को बनाने का टेंडर टाटा प्रोजेक्ट को साल 2020 के सितंबर में दिया गया था। इसकी लागत 861 करोड़ रुपये मानी गई थी। फिर बाद में कुछ अतिरिक्त कामों के चलते यह कीमत 1,200 करोड़ रुपये तक पहुंची थी।
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