राजधानी को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान शुरू किया है। 70 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को मॉडल टाउन क्षेत्र में पौधारोपण कर नागरिकों से इस जनअभियान में जुड़ने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने लोगों से की भागीदारी की अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में मास प्लांटेशन ड्राइव के तहत लगातार पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई को की थी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पौधारोपण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे जन आंदोलन बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभा सकें।
ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ रहे नागरिक
सरकार ने लोगों को अभियान से जोड़ने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इसके जरिए नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार समय तय कर विभिन्न स्थानों पर जाकर पौधे लगा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी से ही दिल्ली में हरित क्षेत्र को बढ़ाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण तैयार किया जा सकता है।
पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे पौधे
अधिकारियों के अनुसार, 70 लाख पौधारोपण अभियान के तहत पार्कों, स्कूल-कॉलेजों, सड़क किनारे हरित पट्टियों और अन्य चिन्हित स्थानों पर पौधे लगाए जा रहे हैं। इस अभियान में सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवकों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) का भी सहयोग लिया जा रहा है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भी मिल रहा समर्थन
इससे पहले रविवार को नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने गोल मार्केट क्षेत्र में ‘एक पेड़ मां के नाम ऑन संडे’ अभियान के तहत पौधारोपण किया। यह अभियान लगातार 32वें सप्ताह में पहुंच चुका है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और RWA प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम ऑन संडे’ जैसे अभियानों से लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और बड़ी संख्या में नागरिक इससे जुड़ रहे हैं। दिल्ली सरकार का कहना है कि 70 लाख पौधारोपण अभियान राजधानी में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।