मध्यप्रदेश अब केवल खेती, खनिज और जंगलों तक सीमित राज्य नहीं रह गया है। राज्य तेजी से Artificial Intelligence (AI), Data Center, Semiconductor, Global Capability Center (GCC) और डिजिटल टेक्नोलॉजी का नया केंद्र बनता जा रहा है। इसी दिशा में सोमवार को भोपाल के होटल ताज लेक फ्रंट में आयोजित MP Tech Growth Conclave 3.0 ने प्रदेश के औद्योगिक और तकनीकी भविष्य की नई तस्वीर पेश कर दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने टेक सेक्टर से जुड़े जो संकल्प लिए थे, उन्हें जमीन पर उतारा गया है। अब प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश वास्तविक परियोजनाओं में बदल रहा है। इस कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि देश-विदेश की कई बड़ी टेक कंपनियों ने मध्यप्रदेश में ₹40,000 करोड़ से अधिक निवेश की मंशा जताई। यह निवेश आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और डिजिटल इकोसिस्टम को नई ऊंचाई देगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। पहले देश की संभावनाओं पर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन अब भारत अपनी क्षमता, प्रतिभा और तकनीकी ताकत के दम पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी अब तेजी से बदल रहा है। पहले राज्य की पहचान केवल कृषि, वन और खनिज संसाधनों से होती थी, लेकिन अब डिफेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइंस, AI, रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पिछले दो वर्षों में सरकार ने क्या हासिल किया?
मुख्यमंत्री ने बताया कि MP Tech Growth Conclave के पहले दो संस्करणों में मिले निवेश प्रस्ताव अब जमीन पर उतर रहे हैं। इन उपलब्धियों में शामिल हैं-
₹46,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
22 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण
4 बड़ी परियोजनाओं का भूमि पूजन
Global Investors Summit 2025 के बाद से टेक सेक्टर में ₹12,000 करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर आया
यानी सरकार केवल निवेश के समझौते नहीं कर रही, बल्कि उन्हें वास्तविक उद्योगों में बदलने पर भी काम कर रही है।
Google Play और MPSEDC के बीच हुआ बड़ा समझौता
कॉन्क्लेव के दौरान Google Play India और MPSEDC के बीच महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर हुए। इस साझेदारी का उद्देश्य प्रदेश में डिजिटल स्टार्टअप्स, मोबाइल ऐप डेवलपर्स, गेमिंग इंडस्ट्री और नई तकनीकों को बढ़ावा देना है। इससे स्थानीय युवाओं को वैश्विक डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
मध्यप्रदेश में क्यों बढ़ रही हैं विदेशी कंपनियां?
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक स्पेन, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, जापान और दक्षिण कोरिया जैसी कई देशों की कंपनियां मध्यप्रदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के जरिए ₹28,200 करोड़ से अधिक का निवेश कर चुकी हैं। यह निवेश Data Center, AI, Manufacturing और आधुनिक उद्योगों में हो रहा है।
Submer Group करेगा बड़ा Data Center निवेश
स्पेन की प्रसिद्ध कंपनी Submer Group ने मध्यप्रदेश में अत्याधुनिक Data Center स्थापित करने की अपनी योजना दोहराई। कंपनी के CEO पैट्रिक स्मिथ ने कहा कि-
मध्यप्रदेश भारत में लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है।
यहां AI और Data Center टेक्नोलॉजी पर बड़े स्तर पर काम किया जाएगा।
इससे हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।
AI आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत बनने जा रहा है।
पारस सेमीकंडक्टर करेगा ₹6,000 करोड़ का निवेश
कॉन्क्लेव में पारस सेमीकंडक्टर के CEO संतोष कुमार ने घोषणा की कि कंपनी मध्यप्रदेश में ₹6,000 करोड़ का निवेश करेगी। उन्होंने कहा कि-
Semiconductor आज की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
आने वाले समय में Semiconductor को "New Oil" माना जाएगा।
मध्यप्रदेश में तैयार होने वाले Semiconductor Products दुनिया के कई देशों में निर्यात किए जाएंगे।
कंपनी केवल फैक्ट्री नहीं लगाएगी बल्कि पूरा टेक इकोसिस्टम विकसित करेगी।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने क्या कहा?
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि Global Investors Summit के बाद प्रदेश में करीब ₹10 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में अब तक ₹12,000 करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है और MP Tech Growth Conclave 3.0 के जरिए यह रफ्तार और तेज होगी।
मुख्यमंत्री ने कीं ये बड़ी घोषणाएं
1. इंदौर में बनेगा आधुनिक IT Park
इंदौर IT Corridor में लगभग 3 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में अत्याधुनिक IT Park विकसित किया जाएगा।
यह पार्क GCC, AI, Semiconductor और Data Center कंपनियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
2. भोपाल में बनेगा विशाल IT Park
भोपाल में लगभग 4 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में नया IT Park विकसित किया जाएगा।
यहां टेक कंपनियों को Plug and Play सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि कंपनियां कम समय में अपना संचालन शुरू कर सकें।
3. Semiconductor Center of Excellence
सरकार Semiconductor क्षेत्र में कौशल विकास, रिसर्च और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष Center of Excellence स्थापित करेगी।
4. Smart Industry Park में मिलेगी Plug & Play सुविधा
सतगढ़ी Smart Industry Park में लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक Plug & Play Infrastructure विकसित किया जाएगा। इससे नई कंपनियों को कम लागत और कम समय में संचालन शुरू करने में मदद मिलेगी।
युवाओं और रोजगार पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घोषित निवेश समय पर धरातल पर उतरता है तो-
हजारों प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
लाखों युवाओं को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
IT, AI, Cloud Computing, Cyber Security और Semiconductor जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।
इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को प्रदेश छोड़कर बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
मध्यप्रदेश के लिए क्यों अहम है यह कॉन्क्लेव?
MP Tech Growth Conclave केवल निवेश जुटाने का मंच नहीं है, बल्कि यह मध्यप्रदेश को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बनाने की रणनीति का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश AI, Data Center, Semiconductor और Global Capability Centers के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो।
FAQs
1. MP Tech Growth Conclave 3.0 कहाँ आयोजित हुआ?
भोपाल के होटल ताज लेक फ्रंट में।
2. इस कॉन्क्लेव में कितने निवेश की घोषणा हुई?
दिग्गज टेक कंपनियों ने ₹40,000 करोड़ से अधिक निवेश की मंशा जताई।
3. कौन-कौन से सेक्टर फोकस में हैं?
AI, Data Center, GCC, Semiconductor और Digital Technology।
4. पारस सेमीकंडक्टर कितना निवेश करेगा?
करीब ₹6,000 करोड़ का निवेश।
5. मुख्यमंत्री ने कौन-कौन सी बड़ी घोषणाएं कीं?
भोपाल और इंदौर में नए IT Park, Semiconductor Center of Excellence और Plug & Play इंडस्ट्रियल सुविधाओं की घोषणा।
निष्कर्ष
MP Tech Growth Conclave 3.0 ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि मध्यप्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर हाई-टेक निवेश का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ₹40,000 करोड़ से अधिक के संभावित निवेश, नए IT पार्क, सेमीकंडक्टर परियोजनाएं और AI आधारित उद्योगों पर सरकार का फोकस आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और तकनीकी विकास को नई दिशा दे सकता है। यदि घोषित परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो मध्यप्रदेश देश के सबसे बड़े टेक निवेश हब में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।