लखनऊ- उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 40 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक पत्र लिखकर उन्हें बधाई दी और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को प्रकृति, संस्कृति और भविष्य की पीढ़ियों के प्रति उत्तरदायित्व का प्रतीक बताया।
सीएम योगी ने पत्र लिखकर दी बधाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में लिखा कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत चलाए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में उत्तर प्रदेश ने 40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा कर नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि 'नए भारत' और 'नए उत्तर प्रदेश' की सामूहिक शक्ति और जनभागीदारी का प्रतीक है।
प्रकृति संरक्षण को बताया सांस्कृतिक दायित्व
सीएम योगी ने कहा कि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह धरती को हराभरा बनाने में अपनी भूमिका निभाए।
भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में वृक्षों के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता वनों से विकसित हुई है, इसलिए इसे अरण्य संस्कृति भी कहा जाता है। वेद, उपनिषद और अनेक महान ग्रंथों की रचना भी वनों में हुई। ऋषि-मुनियों ने प्रकृति के बीच रहकर लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त किया और भारतीय परंपरा में हर संस्कार के साथ वृक्षों का गहरा संबंध रहा है।
आयुर्वेद और वेदों का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद के अनुसार संसार का लगभग हर पौधा औषधीय गुणों से भरपूर है। उन्होंने ऋग्वेद का उल्लेख करते हुए कहा कि पृथ्वी और वृक्षों का संबंध मानव जीवन की समृद्धि और संतुलन का आधार है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया है।
हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही न रुकें, बल्कि उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही उत्तर प्रदेश को हरित, स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील राज्य बनाया जा सकता है।