केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 88वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भारत सरकार ने देशभर के नागरिकों के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिताओं और 'नागरिक प्रतिज्ञा' अभियान का आयोजन किया है। इस पहल का उद्देश्य सीआरपीएफ के शौर्य, समर्पण और देश की आंतरिक सुरक्षा में उसके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देना है। भारत सरकार के नागरिक सहभागिता मंच 'माई जीओवी' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर नागरिकों से इन गतिविधियों में भाग लेने की अपील की है। पोस्ट में कहा गया है कि सीआरपीएफ के निडर जवानों के साहस, अटूट संकल्प और निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने के लिए सभी नागरिक इस अभियान का हिस्सा बनें।
इन प्रतियोगिताओं में ले सकते हैं भाग
'सेवा और निष्ठा की गौरवशाली विरासत' थीम पर आयोजित इस अभियान के तहत पेंटिंग प्रतियोगिता, ऑनलाइन क्विज, शॉर्ट वीडियो प्रतियोगिता और 'नागरिक प्रतिज्ञा' अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। इच्छुक प्रतिभागी माई जीओवी की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।
88 वर्षों की गौरवशाली यात्रा
सीआरपीएफ की स्थापना 27 जुलाई 1939 को हुई थी। 'सेवा और निष्ठा' के आदर्शों पर आधारित यह बल आज भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ है। वर्षों के दौरान सीआरपीएफ ने आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद से मुकाबला करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने, मानवीय सहायता उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन
सीआरपीएफ ने अपने इतिहास में 2,270 से अधिक जवानों के सर्वोच्च बलिदान को देखा है, जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर किए। उनका साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
नागरिकों से जुड़ने की अपील
सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस के अवसर पर सरकार ने सभी नागरिकों से प्रतियोगिताओं और 'नागरिक प्रतिज्ञा' अभियान में भाग लेने का आह्वान किया है। इस पहल के माध्यम से लोग अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करने के साथ-साथ सीआरपीएफ के वीर जवानों के प्रति सम्मान और आभार भी व्यक्त कर सकते हैं।