CM Pushkar : उत्तराखंड (Uttarakhand) के जोशीमठ (Joshimath) में हालात दिन पे दिन खराब होते जा रहे हैं। लोगों की नींद और चैन उजड़ गया है। दरअसल, जिन मकानों में दरारें सामने आई हैं, उनमें से कई लोगों को अभी भी जोशीमठ (Joshimath) से राहत शिविरों में नहीं भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, जोशीमठ के 9 वार्डों के 723 घरों में दरारें सामने आई हैं, जिनमें से 86 मकान असुरक्षित क्षेत्र में स्थित हैं। बाकी के मकानों में लोग दरारों को देखते हुए दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं। वहीं की एक निवासी पुष्पा वर्मा का कहना है कि मैं रातभर अपने घर में पड़ी दरारों को देखती रहती हूं और ये डर लगा रहता है कि वो बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वो राहत शिविर जाना चाहती हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन ने उनके घर को असुरक्षित घोषित नहीं किया है।
पूरे इलाकों को रेड जोन घोषित किया
जोशीमठ (Joshimath) में सरकार की तरफ से अभी तक ऐसे इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे लोगों की दिक्कतें कम हो। ऐसे में बारिश (Rain) ने बड़ी टेंशन बढ़ा दी है। बिगड़ते मौसम (bad weather) ने सबकी चिंता को और बढ़ा दिया है। जो दरारें घरों में बनी हैं वह और बढ़ सकती है। पूरे इलाकों को रेड जोन (red zone) घोषित कर दिया गया है। मकानों को चिन्हित कर उन्हें खाली कराए जा रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) जब राहत कैंप पहुंचे तो उन्हें लोगों का सामना करना पड़ा। ये भी पढ़े- Marion Biotech: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दी चेतावनी, बच्चों को न पिलाएं भारत के मैरियन बायोटेक के सिरप
हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने गुरुवार सुबह जोशीमठ के नरसिंह मंदिर (Narasimha Temple) में पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार से ही जोशीमठ (Joshimath) में हैं। उन्होंने बीती रात अलग-अलग राहत कैंपों में जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने रिलीफ कैंपस में पहुंचकर लोगों की समस्याएं जानी और उन्होंने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) को रिलीफ कैंप में अपने बीच देख कई महिलाएं रोने लगीं। लोगों ने मुख्यमंत्री से तुरंत सहायता की अपील की।
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