कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के बीच बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बुधवार देर रात नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में उनके सुरक्षा कर्मी बुद्धदेव भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे बंगाल में सियासी माहौल गरमा गया है।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ पूर्व मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर के निवासी थे। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई रामकृष्ण मिशन से की थी। अनुशासन और शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले रथ ने लगभग 20 वर्षों तक भारतीय वायुसेना में सेवा दी।
वॉलंटरी रिटायरमेंट लेने के बाद उन्होंने कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया, लेकिन बाद में राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ गए। साल 2018 में वह आधिकारिक तौर पर सुवेंदु अधिकारी की टीम में शामिल हुए।
सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में थे शामिल
राजनीतिक गलियारों में चंद्रनाथ रथ को सुवेंदु अधिकारी का बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। संगठन प्रबंधन, चुनावी रणनीति, कार्यकर्ताओं के समन्वय और राजनीतिक लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी वह संभालते थे। बीजेपी के कई बड़े अभियानों में उनकी अहम भूमिका रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, रथ का परिवार पहले अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था। उनकी मां हासी रथ पंचायत स्तर की राजनीति में सक्रिय रही थीं। बाद में परिवार ने सुवेंदु अधिकारी के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया।
हत्या के बाद बढ़ा राजनीतिक तनाव
घटना के बाद बीजेपी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं TMC ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने हत्या की जांच के लिए हाई-लेवल एसआईटी गठित करने का फैसला लिया है। राज्य के डीजीपी सिद्धांत गुप्ता के अनुसार चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामलों में अब तक सैकड़ों एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।