चंडीपुर/कोलकाता: शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की नृशंस हत्या के कुछ घंटों बाद, उनकी मां हसीरानी रथ ने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द बयां किया है। बेटे को खोने के गम में डूबी मां ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके बेटे की हत्या कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश है।
भवानीपुर और नंदीग्राम की जिम्मेदारी भारी पड़ी
हसीरानी रथ ने आरोप लगाया कि चंद्रनाथ ने भवानीपुर और नंदीग्राम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चुनाव की जिम्मेदारी बखूबी निभाई थी, जिसके कारण वह विरोधियों की आंखों की किरकिरी बन गया था। उन्होंने कहा: "मेरे बेटे को टारगेट किया गया था। वह शुभेंदु बाबू के साथ साये की तरह रहता था और उनके हर काम को संभालता था। TMC के लोग जो 'गरम-गरम' भाषण दे रहे थे, उन्होंने वही करके दिखा दिया। यह पूरी तरह से एक सुनियोजित हत्या है।"
दोषियों के लिए मांगी उम्रकैद
एक मां की ममता और कानून के प्रति सम्मान दिखाते हुए हसीरानी ने कहा कि वह किसी की फांसी नहीं चाहतीं, लेकिन हत्यारों को उम्रकैद की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने नई बनने वाली सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि उनके बेटे के हत्यारों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाए।
पूर्व वायुसेना कर्मी थे चंद्रनाथ
69 वर्षीय हसीरानी ने बताया कि चंद्रनाथ ने राजनीति में आने और शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़ने से पहले भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में देश की सेवा की थी। पिता की मृत्यु के बाद वह घर का बड़ा सहारा था। वह मध्यमग्राम में किराए के मकान में रहकर अपना काम संभाल रहा था।
अस्पताल में जुटे दिग्गजों का तांता
घटना की खबर मिलते ही बुधवार देर रात शुभेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार, अर्जुन सिंह, अग्निमित्रा पॉल और रुद्रनील घोष जैसे दिग्गज नेता अस्पताल पहुंचे। शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि यह 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' है, जिसकी योजना 3-4 दिन पहले ही बना ली गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले का हश्र 'अभया' जैसा नहीं होगा, बल्कि न्याय जरूर मिलेगा।राज्य पुलिस के डीजीपी सिद्धीनाथ गुप्ता ने भी अस्पताल जाकर चंद्रनाथ की पत्नी और परिवार से मुलाकात की। फिलहाल चंडीपुर स्थित उनके पुश्तैनी गांव में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग भारी आक्रोश में हैं।