4 मई को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। राज्य में सरकार गठन को लेकर अब भी सस्पेंस बना हुआ है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतते हुए 108 सीटों पर कब्जा किया है, लेकिन स्पष्ट बहुमत किसी भी दल को नहीं मिला है।
सरकार गठन पर असमंजस कायम
सूत्रों के मुताबिक, सरकार बनाने को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। राज्यपाल ने विजय के दावे पर कानूनी राय मांगी है और पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। विजय ने 112 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा, लेकिन बहुमत के आंकड़े तक न पहुंचने के कारण राज्यपाल ने उन्हें 118 विधायकों के समर्थन के साथ फिर से आने को कहा है।
अन्य दलों के रुख पर टिकी नजरें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के समर्थन के बावजूद टीवीके अभी बहुमत से कुछ सीटें दूर है। वहीं विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) समेत अन्य दलों का रुख भी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में विजय को अन्य पार्टियों के समर्थन पत्र का इंतजार करना पड़ सकता है, जिससे शपथ ग्रहण में देरी संभव है।
शपथ ग्रहण पर संशय
पहले खबर थी कि 7 मई को विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसमें देरी की संभावना जताई जा रही है। इस बीच एम.के. स्टालिन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। स्टालिन अपने गढ़ कोलाथुर सीट से टीवीके उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव हार गए हैं। उनकी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को 59 सीटें मिली हैं, जबकि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने 47 सीटें जीती हैं। कांग्रेस को 5 और पट्टाली मक्कल काची (PMK) को 4 सीटें मिली हैं।