पश्चिम बंगाल में वोट के बाद हिंसा और अशांति के मामलों को लेकर बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। पूरे राज्य में धमकी और उत्पीड़न की घटनाएँ काफी बढ़ी हैं, जिस पर पुलिस और प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।
200 से ज्यादा FIR, 433 गिरफ्तार
डीजी सिद्धिनाथ गुप्ता के अनुसार राज्य में अब तक 200 से अधिक FIR दर्ज की गई हैं। वहीं 433 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 1100 से अधिक लोगों को निवारक हिरासत (preventive arrest) में रखा गया है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा अशांति
सबसे अधिक अशांति आसनसोल, कोचबिहार, पूर्व बर्दवान और बारुईपुर में देखने को मिली है, जहां हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं।
नजाट (बसिरहाट) में हिंसक झड़प, पुलिस और जवान घायल
बसिरहाट के नेजाट इलाके में दो गुटों के बीच तनाव और हिंसक झड़प हुई। मौके पर पहुंचे ओसी नेजाट सहित अधिकारी, एक महिला कांस्टेबल और दो केंद्रीय बल के जवान घायल हो गए। इस घटना में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वर्चस्व की लड़ाई से बढ़ा तनाव, 3 की मौत
नेजाट इलाके में वोटिंग से जुड़ी वर्चस्व की लड़ाई के कारण तनाव पैदा हुआ। वहीं पूरे राज्य में वोट के बाद हुई हिंसा में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है।
500 कंपनियां केंद्रीय बल तैनात
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य में 500 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके।
पुलिस और केंद्रीय बल का संयुक्त कंट्रोल रूम
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि पुलिस और केंद्रीय बलों का एक संयुक्त कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जिससे किसी भी हिंसा की सूचना मिलते ही तुरंत फोर्स को मूव कराया जा सके।
FIR न होने पर भी स्वतः कार्रवाई के आदेश
जिन क्षेत्रों में अशांति हो रही है लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई है, वहां अब स्वतः संज्ञान लेकर केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना अनुमति बुलडोजर मार्च पर रोक
प्रशासन ने साफ किया है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का “बुलडोजर मार्च” पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री को Y+ सुरक्षा
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री को Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
डीजी सिद्धिनाथ गुप्ता का बयान
राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर डीजी सिद्धिनाथ गुप्ता ने यह जानकारी दी कि पूरे राज्य में स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।