नई दिल्ली: सोचिए, आप आराम से ई-रिक्शा (E-Rickshaw) में बैठकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे हों और अचानक गाड़ी बीच सड़क पर रुक जाए! आप चेक करें तो पता चले कि बैटरी भी पूरी चार्ज है और गाड़ी में कोई खराबी भी नहीं है। फिर रिक्शा रुका कैसे? जवाब जानकर आप हैरान रह जाएंगे—एक मोबाइल ऐप पर सिर्फ एक क्लिक करने से ई-रिक्शा का पावर गुल हो गया!
यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियोज का दावा है। इस अजीबोगरीब मामले के सामने आने के बाद अब खुद दिल्ली सरकार भी एक्शन में आ गई है।
क्या है यह 'BAT-BMS' ऐप और क्यों मचा है हड़कंप?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स (ट्विटर) पर कई ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दिखाया जा रहा है कि ‘BAT-BMS’ नाम का एक चीनी ऐप जैसे ही किसी ई-रिक्शा के करीब लाया जाता है, गाड़ी की पावर सप्लाई अचानक बंद हो जाती है। इसके बाद बेबस चालक को बीच रास्ते में ही गाड़ी रोकनी पड़ती है।
सोशल मीडिया पर इस ऐप की कारस्तानी के वीडियो इतने ज्यादा वायरल हुए कि दिल्ली के परिवहन विभाग (Delhi Transport Department) को इस मामले में तुरंत दखल देना पड़ा और सरकार ने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के आदेश दे दिए हैं।
तकनीक का खेल: आखिर कैसे काम करता है यह ऐप?
कई रिपोर्ट्स और तकनीकी जानकारों के मुताबिक, यह कोई जादू नहीं बल्कि सुरक्षा में एक बड़ी चूक (Security Loophole) है।
ब्लूटूथ कनेक्टिविटी: 'BAT-BMS' ऐप दरअसल ब्लूटूथ से चलने वाली लिथियम-आयन बैटरी से कनेक्ट होता है। इस ऐप को बैटरी का चार्ज, वोल्टेज, तापमान और अन्य रियल-टाइम डेटा देखने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
किल स्विच (Kill Switch): इस ऐप के भीतर एक 'Discharge Switch' या 'Kill Switch' होता है। आपके फोन के ब्लूटूथ की रेंज (लगभग 15 मीटर) के भीतर आते ही यह ऐप ई-रिक्शा की बैटरी को डिटेक्ट कर लेता है। ऐप में इस स्विच को बंद करते ही बैटरी की बिजली सप्लाई तुरंत कट जाती है और ई-रिक्शा वहीं का वहीं थम जाता है।
सुरक्षा में बड़ी सेंध: बिना पासवर्ड के ही हो जाता है कनेक्ट
टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में चलने वाले कई ई-रिक्शा में चीन से आयातित **बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS)** का इस्तेमाल किया जाता है। इन चीनी सिस्टम्स की सुरक्षा व्यवस्था बेहद लचर होती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कई बार इन बैटरियों को ऐप से कनेक्ट करने के लिए किसी भी तरह के पासवर्ड या ऑथेंटिकेशन (Authentication) की जरूरत नहीं होती। इसका फायदा उठाकर कोई भी शरारती तत्व 15 मीटर की दूरी से केवल अपने मोबाइल ऐप के जरिए किसी भी ई-रिक्शा को बंद कर सकता है।
दिल्ली सरकार करा रही है मामले की जांच
इस वायरल दावों ने आम जनता और ई-रिक्शा चालकों के बीच चिंता पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि अगर कोई भी थर्ड-पार्टी ऐप किसी वाहन की पावर को इस तरह कंट्रोल कर सकता है, तो यह सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है। इसके जरिए कोई भी किसी बड़ी वारदात या दुर्घटना को अंजाम दे सकता है।
हालांकि, प्रशासन का कहना है कि अभी तक आधिकारिक रूप से यह साबित नहीं हुआ है कि इस ऐप के जरिए सभी ई-रिक्शा को दूर से बंद किया जा सकता है। अभी तक की सारी जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर आधारित है। दिल्ली सरकार फिलहाल इस पूरे मामले की सत्यता और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि सुरक्षा में कोई भी कमी पाई जाती है, तो इसे रोकने के लिए सख्त और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।