भुवनेश्वर : ओडिशा में चक्रवात ‘अर्णव’ की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए राज्य में एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। स्कूल-कॉलेजों को 29 अक्टूबर तक बंद रखने का फैसला किया गया है। वहीं, मालकानगिरी जिले में किसान अपनी धान की फसल को नुकसान से बचाने के लिए दिन-रात कटाई में जुटे हैं। किसानों को डर है कि अगर तेज बारिश और खराब मौसम ने दस्तक दी, तो महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
चक्रवात के खतरे के बीच शैक्षणिक संस्थान बंद
संभावित चक्रवाती स्थिति को देखते हुए ओडिशा में विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में स्कूल और कॉलेज 29 अक्टूबर तक बंद रखने की खबर है। मौसम की स्थिति के अनुसार प्रशासन की ओर से आगे भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
मालकानगिरी में धान बचाने की जद्दोजहद
चक्रवात की आशंका का सबसे बड़ा असर किसानों की चिंता में दिखाई दे रहा है। मालकानगिरी में धान की फसल तैयार होने के बीच किसान जल्द से जल्द कटाई पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। कई किसान दिन और रात खेतों में काम कर रहे हैं, ताकि संभावित बारिश से पहले फसल को सुरक्षित किया जा सके।
बारिश हुई तो फसल को हो सकता है नुकसान
धान की कटाई के समय तेज बारिश होने से खेतों में पानी भरने, कटी फसल भीगने और अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है। ऐसे में किसानों के सामने सीमित समय में अपनी उपज समेटने की चुनौती है। खराब मौसम की आशंका ने ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल बना दिया है।
किसानों की मेहनत और मौसम की चुनौती
किसानों के लिए यह समय बेहद अहम है। पूरे सीजन की मेहनत से तैयार हुई फसल ही उनकी आजीविका का बड़ा आधार है। ऐसे में चक्रवात की आशंका के बीच उनकी कोशिश है कि मौसम बिगड़ने से पहले अधिक से अधिक धान की कटाई और सुरक्षित भंडारण का काम पूरा कर लिया जाए।
ओडिशा में संभावित चक्रवात को लेकर प्रशासनिक सतर्कता के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर सभी की नजर रहेगी।