दिल्ली - केजरीवाल सरकार(Arvind Kejriwal) और उपराज्यपाल के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। सीएम केजरीवाल ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर आरोप लगाया है कि, वह चुनी हुई सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि, सक्सेना हमारे हेडमास्टर नहीं हैं, जो हमारे घर का काम चेक करेंगे। उन्हें हमारे प्रस्तावों पर केवल हां या न कहना है। सीएम केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि, उपराज्यपाल को विद्यार्थियों के “गृह कार्य” की जांच करने वाले “प्रधानाध्यापक की तरह व्यवहार” नहीं करना चाहिए।
Arvind Kejriwal ने LG पर लगाया ये आरोप
वहीं, उपराज्यपाल वीके सक्सेना की मनमानी के विरोध में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा से उपराज्यपाल के दफ्तर तक मार्च किया। सीएम अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि, स्कूली शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड भेजने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने खारिज कर दिया है, लेकिन उनके आरोप को एलजी के दफ्तर ने इनकार किया है।
तनाशाही बर्दाश्त नहीं करेगी दिल्ली
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, दिल्ली ‘तानाशाही’ बर्दाश्त नहीं करेगी। सीएम केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि उनकी (आप) सरकार किसी भी कीमत पर शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए भेजकर रहेगी। वहीं, दिल्ली विधानसभा के सत्र की पहले दिन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई, क्योंकि ‘आप’ विधायक उपराज्यपाल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के पास आ रहे थे।
एलजी ने दी सफाई
बढ़ते मामले को देख बाद में उपराज्यपाल वीके सक्सेना के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि, शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड भेजने के प्रस्ताव को खारिज नहीं किया गया है, केवल दिल्ली सरकार को इसका पूरा मूल्यांकन करने की सलाह दी गई है, पर सीएम केजरीवाल ने दावा किया कि एलजी ने प्रस्ताव को दो बार खारिज कर दिया।
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