Earthquake: हिमाचल की धरती भूकंप के झटकों से बार-बार कांप रही है। शनिवार सुबह धर्मशाला और चंबा के बॉर्डर पर दो बार बार भूकंप आया। पहली बार सुबह 5 बजकर 10 मिनट पर 2 से 3 झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.80 मापी गई। दूसरी बार 5 बजकर 17 मिनट पर 3 से 4 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता पहले के भूकंप से ज्यादा यानी कि 3.20 आंकी गई। इसका केंद्र धर्मशाला के साथ लगती धौलादार की पहाड़िया और चंबा जिले का बॉर्डर के साथ लगता क्षेत्र रहा है।
लोग अपने घरों से बाहर निकल आए
पहले भूकंप का केंद्र भी धौलाधार की पहाड़ियों के नीचे का क्षेत्र RF अंदरला ग्रोन रहा। भूकंप के झटके चंबा और कांगड़ा जिले के आसपास के कई गांवों में महसूस किए गए। बताया जा रहा है कि इन झटकों के बाद कुछ लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल भूकंप से किसी भी जान माल का नुकसान नहीं हुआ, मगर प्रदेश में बार-बार भूकंप के झटकों से लोग थोड़े डरे हुए हैं। बता दें कि हिमाचल के कांगड़ा, शिमला, किन्नौर, लाहौल स्पीति के कुछ क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील सिस्मिक जोन 5 में आते हैं। इसलिए यहां भूकंप से जान-माल के नुकसान का हर वक्त भय बना रहता है।
भूकंप की मुख्य कारण
भूकंप के आने का मुख्य कारण धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के अंदर 7 प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेट्स किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप महसूस होता है।
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