सुप्रीम कोर्ट का राइटर्स क्रैंप यानी ऐंठन के चलते हाथ कांपने की बीमारी से जूझ रहे शख्स को राहत देने के आदेश को केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने सरहाया है। उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की तारीफ की है।
SC ने दिव्यांग उम्मीदवार को दी बड़ी राहत (Kiren Rijiju)
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा के एक परीक्षार्थी को परीक्षा लिखने के लिए एक शख्स की मदद लेने की इजाजत दी है। अदालत ने इस मामले में अंतरिम आदेश जारी किया है। इस आदेश को किरेन रिजिजू ने सरहाते हुए कहा, "मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की ओर से दिया ये आदेश दिल को छू देने वाला है। दिव्यांग उम्मीदवार को बड़ी राहत मिली है।AIIMS ने उम्मीदवार के विकलांग होने की प्रमाणिक की थी।"
This is such a heart warming action by hon'ble Chief Justice Dr DY Chandrachud. A great relief to a Divyang candidate who sought a scribe for the Judicial Service exam in Uttarakhand. AIIMS had certified his disability. Timely Justice to a deserving person is very satisfying. pic.twitter.com/V5ampXxtkD
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) April 30, 2023
जानें पूरा मामला
ये पूरा मामला धनजंय कुमार का है। परीक्षार्थी धनजंय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने परीक्षा देने के लिए किसी की मदद लेने के अनुरोध को 20 अप्रैल को अस्वीकार कर दिया था। धनजंय ने 25 सितंबर 2017 को एम्स द्वारा जारी एक प्रमाणपत्र भी जमा कराया। धनजंय के इस दाखिल याचिका पर अदालत ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग और राज्य सरकार को नोटिज जारी कर जवाब मांगते हुए पूछा कि धनजंय का अनुरोध क्यों खारिज किया गया?
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ ने लोक सेवा आयोग और राज्य सरकार को 12 मई तक मामले में जवाब देने को निर्देश दिया। साथ ही लोक सेवा आयोग को धनजंय को परीक्षा लिखने के लिए किसी शख्स की मदद देने का अंतरिम आदेश पारित किया।
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