केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि, हलाल उत्पादों पर प्रतिबंध लगाना ठीक है। उन्होंने कहा कि, हलाल शब्द का इस्तेमाल कारोबार के लिए किया जा रहा था। निर्यात करने वाले उत्पादों पर अभी भी कोई प्रतिबंध नहीं है। हलाल खाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। राजपाल ने आगे कहा कि, यह रोक नाम का व्यावसायिक लाभ लेने पर है। ये सवाल इस तरह नहीं होने चाहिए जिससे जनता में भ्रम पैदा हो।
सरकार को अधिकार
आरिफ मोहम्मद खान ने आगे कहा कि, क्या हलाल पर प्रतिबंध का मतलब यह है कि, लोगों को हलाल खाने की अनुमति नहीं है? सरकार को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए लेबल के अनधिकृत उपयोग को विनियमित करने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि, हलाल करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। प्रतिबंध व्यावसायिक लाभ लेने पर है नाम का। सरकार के पास इसे विनियमित करने का अधिकार होना चाहिए।
यहां तो कोई एप्रूवल नहीं है
केरल के गवर्नर ने कहा कि, यूपी सरकार ने माल के निर्यात के बारे में कुछ नहीं कहा है, क्योंकि वहां एक आवश्यकता है। जो संगठन ऐसा करते हैं (हलाल प्रमाणपत्र जारी करते हैं) उन्हें मंजूरी मिल जाती है। उन्होंने आगे कहा कि, विश्व में हर जगह पर वे संस्थाएं है जिनका सर्टिफिकेट मिलता है। जैसे यूपी की योगी सरकार ने अभी क्या कहा है कि, विदेशों में जाने वाले सामान पर बैन नहीं है, क्योंकि वहां उसकी रिक्वायरमेंट होती है। वह जो संस्थाए होती हैं, जो ये करती है वह सरकार से एप्रूव्ड होती हैं और यहां तो कोई एप्रूवल नहीं है।
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